शादी के लिए 14 MLA गैरहाजिर, MP विधानसभा का प्रश्नकाल जल्दी खत्म
भोपाल । डेस्क: मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार 5 दिसंबर को आखिरी दिन एक चौंकाने वाली घटना का गवाह बना. सत्र के समापन दिवस पर सत्ता पक्ष (बीजेपी), विपक्ष (कांग्रेस) और भारत आदिवासी पार्टी सहित विभिन्न दलों के कुल 14 विधायक अनुपस्थित रहे. इन सभी जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी का कारण था शादियों का मौसम. ये सभी विधायक विवाह समारोहों में शामिल होने के लिए सदन से नदारद थे.
विधायकों की इस बड़ी अनुपस्थिति का सीधा असर प्रश्नकाल पर पड़ा. प्रश्न पूछने वाले सदस्यों के न होने के कारण, विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई और सदन को प्रश्नकाल समय से पहले ही समाप्त करना पड़ा. बताया जा रहा है कि पिछले 20 वर्षों में संभवतः यह पहली बार हुआ है जब सवाल पूछने वालों की कमी के कारण प्रश्नकाल को जल्दी खत्म करना पड़ा हो.
स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने अनुपस्थित विधायकों के नाम पढ़कर सुनाए, जिसके बाद मंत्री तथा वरिष्ठ बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "अगली बार हमें विधानसभा सत्र की तारीखें तय करते समय शादी की तारीखों को भी ध्यान में रखना होगा. कई विधायकों के परिवार में आज ही शादी है. अगले साल से हम सुनिश्चित करेंगे कि विधानसभा सत्र और शादी के दिन एक साथ न पड़ें."
भले ही सदन में प्रत्येक मंत्री और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, लेकिन सवाल करने वाले जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी ने सदन की कार्यवाही को बाधित किया. घटना के सार्वजनिक होने के बाद से, चुने हुए प्रतिनिधियों के कर्तव्यबोध और जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में व्यापक आलोचना और सवाल उठने शुरू हो गए हैं.