नर्मदा नदी में बहाया गया 11,000 लीटर दूध ! श्रद्धा या बर्बादी ?
नई दिल्ली । डेस्क: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान नर्मदा नदी में हजारों लीटर दूध बहाते हुए देखा जा सकता है. इस घटना ने देश भर में आस्था, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
एक्स पर साझा किए गए वीडियो के अनुसार, एक टैंकर के जरिए सीधे नदी में लगभग 11,000 लीटर दूध प्रवाहित किया गया.
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस दूध की बाजार कीमत करीब 5.5 से 7.5 लाख रुपये के बीच है. वीडियो में भारी संख्या में श्रद्धालु और पुजारी इस रस्म को निभाते नजर आ रहे हैं.
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आलोचकों का तर्क है कि जिस देश में कुपोषण एक बड़ी समस्या हो, वहां इस तरह खाद्य सामग्री की बर्बादी और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है.
सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे 'पर्यावरण का विनाश' करार दिया.
कुछ लोगों ने मांग की है कि सरकार को नदी के स्वास्थ्य और जन जागरूकता के लिए ऐसे कार्यों पर हस्तक्षेप करना चाहिए.
वहीं, दूसरी ओर समर्थकों का मानना है कि यह उनकी प्राचीन धार्मिक परंपरा और आस्था का हिस्सा है. फिलहाल, इस मामले ने विकासशील समाज में परंपरा और आधुनिक नागरिक जिम्मेदारी के बीच के संघर्ष को एक बार फिर सामने ला दिया है.