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सोनम वांगचुक की पत्नी ने 'राष्ट्र-विरोधी' टैग का खंडन किया

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01 अक्टू. 2025, 01:13 AM 4 मिनट में पढ़ें 2

गीतांजलि
गीतांजलि

नई दिल्ली । डेस्क: लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत जोधपुर जेल में बंद हैं, को उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने 'राष्ट्र-विरोधी' के आरोपों से बचाव किया है. एनएसए के तहत बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है.


लद्दाख में वांगचुक की भूख हड़ताल के हिंसक प्रदर्शनों में बदलने के बाद चार लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए. इसके बाद उन पर 'राष्ट्र-विरोधी' होने के आरोप लगे.

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गीतांजलि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन आरोपों का जवाब देते हुए लिखा, "राष्ट्र-विरोधी? @Wangchuk66 ने भारतीय सेना के लिए थर्मल आश्रय बनाए ताकि जवान गर्म रह सकें. झूठे नारे मुरझा जाते हैं, लेकिन राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा बनी रहती है." एक अन्य पोस्ट में उन्होंने सवाल किया, "कौन सा राष्ट्र-विरोधी भारतीय सेना के जनरलों और कोर कमांडरों के साथ सम्मान और प्यार पाता है? कौन सा राष्ट्र-विरोधी जवानों और अधिकारियों के लिए सौर घर बनाता है ताकि वे गर्म रहें और प्रभावी ढंग से लड़ सकें?"



रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और शिक्षा सुधारक वांगचुक पर एनएसए के तहत आरोप लगाए गए हैं. उनकी पत्नी ने कहा कि उन्हें 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अपने पति से कोई संपर्क नहीं हो सका है.


एएनआई से बात करते हुए, गीतांजलि ने कहा कि उनके पति का शांतिपूर्ण कार्यकर्ता के रूप में रिकॉर्ड इन आरोपों का खंडन करता है. उन्होंने कहा, "पिछले पांच वर्षों में, सोनम वांगचुक ने छठी अनुसूची के कार्यान्वयन के लिए अपनी भूख हड़ताल और मार्च पूरी तरह से गांधीवादी तरीके से किए, जिसमें पूर्ण अहिंसा पर जोर दिया गया. ऐसा व्यक्ति हिंसक प्रदर्शन क्यों भड़काएगा और इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा? ऐसा पहले कभी नहीं हुआ."



लद्दाख के शांतिप्रिय स्वभाव को "गलत ब्रांडिंग" करार देते हुए, उन्होंने कहा, "पिछले छह दिनों में और पहले चार वर्षों में लेह में जो कुछ भी हुआ, वह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. लेह के लोग जितने शांतिप्रिय, देशभक्त और राष्ट्रवादी हैं, उतना कोई और नहीं. सबसे पहले, ऐसे क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाना पूरी तरह से गलत है, और हम इसकी निंदा करते हैं."


गीतांजलि ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने अनावश्यक रूप से प्रदर्शनों को बढ़ावा दिया. उन्होंने कहा, "उस दिन युवा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. यदि सीआरपीएफ ने आंसू गैस का उपयोग नहीं किया होता, तो यह एक बहुत ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन होता."


सुरक्षा एजेंसियों ने वांगचुक के नेपाल में जनरेशन-जेड विरोध और बांग्लादेश में छात्र विद्रोह का जिक्र करने को लेह में "उकसावे" के सबूत के रूप में उद्धृत किया है. पुलिस ने उनके पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित जलवायु सम्मेलन में भाग लेने को पड़ोसी देश के साथ "संभावित संबंध" के रूप में भी चिह्नित किया है.


गीतांजलि ने इन सुझावों को खारिज करते हुए कहा कि यह "संयुक्त राष्ट्र और डॉन मीडिया समूह द्वारा आयोजित जलवायु सम्मेलन के लिए पूरी तरह से पेशेवर भागीदारी थी." उन्होंने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल किया, "भारत पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल सकता है, लेकिन जब सोनम वहां संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन में भाग लेते हैं, तो यह संदिग्ध हो जाता है?"


वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को खारिज करते हुए, गीतांजलि ने अपने पति को एक मानवतावादी बताया, जिन्होंने "अपना जीवन जमीनी स्तर पर शिक्षा के लिए समर्पित किया" और लद्दाख के युवाओं की पीढ़ियों को प्रेरित किया. उन्होंने एएनआई को बताया, "लोग उनका सम्मान न केवल उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए करते हैं, बल्कि इसलिए भी कि वे वास्तव में लोगों की कठिनाइयों की परवाह करते हैं."

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP