सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल खत्म, जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा
नई दिल्ली । डेस्क: प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना उपवास समाप्त कर दिया है. केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मिले ठोस आश्वासन के बाद उन्होंने देर रात अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया.
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और सरकार का संदेश उन तक पहुंचाया. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि संसद के आगामी सत्र में परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और सुधारों पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी.
इसके अलावा, हालिया नीट (NEET) पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी मामला दर्ज न करने का आश्वासन भी दिया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक के इस फैसले का स्वागत करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक का वजन लगभग 11 किलो घट गया था और स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग और बाद में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
अनशन समाप्त करते हुए वांगचुक ने देश के युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की है. दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अगुवाई कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने वांगचुक के फैसले का स्वागत तो किया है, लेकिन स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अपनी अन्य मांगों को लेकर उनका आंदोलन और धरना लगातार जारी रहेगा.