ग्रेट निकोबार परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक करे NGT- जयराम रमेश
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने रविवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) से विवादित ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना की समीक्षा रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि जिस उच्च-स्तरीय समिति की 'सीलबंद लिफाफे' वाली रिपोर्ट के आधार पर NGT को इस पर्यावरणीय रूप से खतरनाक परियोजना को हरी झंडी देनी पड़ी थी, अगर उसे सार्वजनिक किया गया तो उसकी गंभीर खामियां उजागर हो जाएंगी.
जयराम रमेश का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब लोकसभा में 'ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026' पेश होने जा रहा है. यह विधेयक उच्चतम न्यायालय द्वारा नवंबर 2025 में 'मद्रास बार एसोसिएशन' मामले में दिए गए उस ऐतिहासिक फैसले के आलोक में लाया जा रहा है, जिसमें 2021 के पुराने अधिनियम के कड़े प्रावधानों को रद्द कर दिया गया था.
इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य एक स्वतंत्र 'राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग' का गठन करना है जो NGT सहित देश के 16 अर्ध-न्यायिक निकायों में अध्यक्षों और सदस्यों की पारदर्शी नियुक्ति, स्वायत्तता और दक्षता सुनिश्चित करेगा.
पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार NGT की स्वतंत्रता को लगातार कमजोर करने का प्रयास कर रही थी.
उन्होंने याद दिलाया कि 2017 के वित्त अधिनियम और 2021 के ट्रिब्यूनल अधिनियम के खिलाफ उन्होंने खुद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था.
रमेश ने उम्मीद जताई कि नए कानून के लागू होने के बाद NGT अपनी खोई हुई साख और अधिकार को पुनः प्राप्त करेगा. उन्होंने कहा कि इस पुनरुत्थान की शुरुआत के रूप में NGT को 8 जुलाई, 2025 को सौंपी गई ग्रेट निकोबार परियोजना की समीक्षा रिपोर्ट को देश के सामने रखना चाहिए.