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अमेरिका के नए 'क्रिटिकल मिनरल' गुट पर भड़का चीन

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06 फ़र. 2026, 12:45 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

रेयर अर्थ मिनरल
रेयर अर्थ मिनरल

बीजिंग । डेस्क: अमेरिका द्वारा महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के लिए एक नया व्यापारिक गुट बनाने और 'प्राइस फ्लोर' समन्वय की घोषणा के बाद बीजिंग और वाशिंगटन के बीच व्यापारिक तनाव गहरा गया है. चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "विशिष्ट ब्लॉक" बनाने की कोशिश करार दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था को बाधित करता है. 


अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने हाल ही में मेक्सिको के साथ एक 'एक्शन प्लान' लागू करने और यूरोपीय आयोग तथा जापान के साथ मिलकर खनिज आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने की योजना साझा की थी. 

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इसके अतिरिक्त, अमेरिकी विदेश विभाग ने ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ मिलकर पहले 'क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल' कार्यक्रम की मेजबानी की, जिसका उद्देश्य चीन के प्रभुत्व को चुनौती देना और एक "तरजीही व्यापार क्षेत्र" स्थापित करना है.


चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने स्पष्ट किया कि एक खुला और समावेशी व्यापारिक वातावरण ही सभी देशों के साझा हितों की रक्षा कर सकता है. 


वहीं, चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह "छोटा घेरा" दृष्टिकोण संरक्षणवाद से प्रेरित है और इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विखंडन पैदा होगा. 


विशेषज्ञों का तर्क है कि चीन के पास दुर्लभ खनिजों के प्रसंस्करण और डाउनस्ट्रीम सप्लाई चेन में दशकों का अनुभव और एक पूर्ण औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसे रातों-रात बदलना या कॉपी करना अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए व्यावहारिक रूप से असंभव है. 


हालांकि अमेरिका ने 11 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते किए हैं, लेकिन औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि लागत प्रतिस्पर्धा और संसाधनों की उपलब्धता के बजाय प्रसंस्करण क्षमता की कमी इन पश्चिमी देशों के लिए एक बड़ी बाधा बनी रहेगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP