प. बंगाल के राज्यपाल आनंद बोस का इस्तीफा, आर.एन. रवि संभालेंगे जिम्मेदारी
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल मच गई जब राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. लोक भवन के एक अधिकारी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बोस ने अपना इस्तीफा दिल्ली में सौंपा है.
साढ़े तीन साल तक बंगाल के राज्यपाल के रूप में सेवाएं देने के बाद बोस ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "मैंने राज्यपाल कार्यालय में पर्याप्त समय बिता लिया है." उनके इस अचानक लिए गए फैसले ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.
इस बीच, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के वर्तमान राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया है. आर.एन. रवि एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, जो सीबीआई (CBI) और आईबी (IB) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में काम कर चुके हैं और 2018 में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी रहे थे.
तमिलनाडु से पहले उन्होंने मेघालय के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा दुख और आश्चर्य व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से राज्यपाल पर दबाव डाला गया होगा.
ममता बनर्जी ने कहा, "मैं श्री सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे से स्तब्ध और चिंतित हूं. मुझे इस्तीफे के पीछे के स्पष्ट कारण नहीं पता, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर उन पर राजनीतिक हितों के लिए दबाव बनाया गया हो."
ममता बनर्जी ने नए राज्यपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें आर.एन. रवि की नियुक्ति की जानकारी तो दी, लेकिन स्थापित परंपराओं के अनुसार उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया.
मुख्यमंत्री ने इसे संघीय ढांचे पर प्रहार बताते हुए कहा कि केंद्र को 'सहकारी संघवाद' के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा फैसलों से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुँचाते हैं.