रूस-ईरान 'खुफिया सांठगांठ' की खबरों को अमेरिका ने किया खारिज
नई दिल्ली । डेस्क: वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है. द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस, मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों और सैन्य संपत्तियों की खुफिया जानकारी ईरान के साथ साझा कर रहा है.
हालांकि, अमेरिका ने इन खबरों को अधिक महत्व न देते हुए इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है.
28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध के बाद से यह पहली बार है जब मॉस्को की संलिप्तता के संकेत मिले हैं. रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की सटीक लोकेशन मुहैया कराई है.
इस मामले पर अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका हर गतिविधि पर नजर रख रहा है और इसे अपनी युद्ध योजनाओं में शामिल कर रहा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है और कमांडर-इन-चीफ पूरी स्थिति से अवगत हैं. हेगसेथ के अनुसार, अमेरिकी सेना ईरान में अपनी बढ़त बनाए हुए है और विपक्षी ताकतों को कड़ा जवाब दिया जा रहा है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी इन दावों को कमतर बताते हुए कहा कि इस तरह की रिपोर्टों से ईरान में जारी सैन्य अभियानों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, क्योंकि अमेरिकी सेना वहां प्रभावी कार्रवाई कर रही है. जब उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर पुतिन से बात की है, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल को 'मूर्खतापूर्ण' करार देते हुए टाल दिया.
दूसरी ओर, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सैन्य सहायता के दावों पर चुप्पी साधे रखी, हालांकि उन्होंने ईरान के साथ निरंतर संवाद की बात स्वीकार की है.
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकी यूक्रेन युद्ध के बाद से और गहरी हुई है, जहां रूस ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग किया है. फिलहाल, अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं, जबकि ईरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर जवाबी हमले कर रहा है.