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ट्रम्प के वैश्विक टैरिफ अवैध घोषित, सुप्रीम कोर्ट की राह खुली

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30 अग. 2025, 05:35 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

ट्रंप टैरिफ
ट्रंप टैरिफ

नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी अपील कोर्ट ने फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आपातकालीन शक्तियों के कानून के तहत लगाए गए वैश्विक टैरिफ में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया, जो उनके व्यापार नीति के लिए एक बड़ा झटका है. अमेरिका के फेडरल सर्किट अपील कोर्ट ने 7-4 के फैसले में कहा कि ट्रम्प ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ के लिए दी गई शक्तियों का उल्लंघन किया. यह फैसला न्यूयॉर्क की एक विशेष व्यापार अदालत के मई के निर्णय को काफी हद तक बरकरार रखता है.


कोर्ट ने ट्रम्प के अप्रैल में लगाए गए "रेसिप्रोकल" टैरिफ, जो व्यापार घाटे वाले देशों पर 50% तक और अन्य देशों पर 10% थे, और फरवरी में कनाडा, मैक्सिको और चीन पर लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराया. 

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ट्रम्प ने इन टैरिफ को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर, व्यापार घाटे और ड्रग तस्करी जैसे मुद्दों को आधार बनाकर जायज ठहराया था. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट में टैरिफ लगाने की स्पष्ट अनुमति नहीं है, क्योंकि यह शक्ति विशेष रूप से कांग्रेस के पास है.


ट्रम्प ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे "अत्यधिक पक्षपातपूर्ण" बताया और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की कसम खाई. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "यह निर्णय अगर लागू रहा तो अमेरिका का विनाश कर देगा." टैरिफ से जुलाई तक 159 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो पिछले साल की तुलना में दोगुना है.


हालांकि, टैरिफ अस्थायी रूप से लागू रहेंगे, क्योंकि कोर्ट ने 14 अक्टूबर तक इन्हें निलंबित करने से इनकार कर दिया, ताकि ट्रम्प प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सके.


विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में यह मामला महत्वपूर्ण संवैधानिक सवाल उठाएगा, क्योंकि ट्रम्प की नीतियां वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रही हैं और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ा रही हैं.


ट्रम्प के पास अब वैकल्पिक कानूनों का सहारा है, जैसे कि 1974 का व्यापार अधिनियम, जो टैरिफ को 15% तक सीमित करता है और वह भी केवल 150 दिनों के लिए. 


इसके अलावा, 1962 के व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत टैरिफ लगाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए वाणिज्य विभाग की जांच जरूरी है. 


विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन इस फैसले के लिए तैयार था और अन्य कानूनों के जरिए टैरिफ को बनाए रखने की योजना बना रहा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP