महिला आरक्षण और परिसीमन के विशेष सत्र पर बवाल, कांग्रेस ने उठाए सवाल
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन प्रक्रिया को तेज करने के लिए संसद का 'विशेष सत्र' बुलाए जाने की खबरों ने देश के राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है. कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बीच इस तरह का कदम उठाना आदर्श आचार संहिता (MCC) का 'घोर उल्लंघन' है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार पिछले 30 महीनों से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर सोई हुई थी, लेकिन अब केवल राजनीतिक माइलेज लेने और चुनावों को प्रभावित करने के लिए जल्दबाजी में विधेयक पारित करना चाहती है.
विपक्ष का मुख्य विरोध प्रस्तावित परिसीमन को लेकर है, जिसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 किए जाने की संभावना है.
जयराम रमेश ने दावा किया कि इस प्रक्रिया से उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की सीटें बढ़कर 120 हो जाएंगी, जबकि केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्य पिछड़ जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण बदलाव के लिए विपक्ष को आधिकारिक तौर पर कोई प्रस्ताव नहीं दिया है और केवल 'नैरेटिव मैनेजमेंट' के जरिए इसे थोपना चाहती है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी इस मुद्दे पर रणनीति बनाने के लिए 16 अप्रैल से पहले विपक्षी दलों की बैठक करेंगे. कांग्रेस ने मांग की है कि चुनावी सीजन को देखते हुए सरकार को इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस पर चर्चा करनी चाहिए.