ट्रंप की ब्रिटेन को चेतावनी: चीन से दोस्ती पड़ेगी भारी, परिणाम होंगे 'खतरनाक'
नई दिल्ली । डेस्क: बीजिंग में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई तीन घंटे की लंबी बैठक ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. इस मुलाकात के बाद ब्रिटेन और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और टैरिफ कम करने पर सहमति बनी है.
स्टार्मर ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देश निवेश और वीजा मुक्त यात्रा जैसे विषयों पर भी आगे बढ़ रहे हैं.
हालांकि, ब्रिटेन की चीन से बढ़ती यह नजदीकी अमेरिका को रास नहीं आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए ब्रिटेन को खुले तौर पर चेतावनी दी है. ट्रंप ने एक संक्षिप्त लेकिन कड़े बयान में कहा कि यदि ब्रिटेन ऐसा करता है, तो यह उनके लिए "बहुत खतरनाक" होगा.
हालांकि ट्रंप ने इस 'खतरे' की विस्तृत व्याख्या नहीं की है, लेकिन उनके इस रुख से दोनों देशों के पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों पर सवालिया निशान लग गए हैं.
इससे पहले ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बीजिंग यात्रा के बाद भी उन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी थी.
दूसरी ओर, कीर स्टार्मर ने अमेरिका और चीन के बीच किसी एक को चुनने की मजबूरी से इनकार किया है. उनका मानना है कि ब्रिटेन के अमेरिका के साथ रक्षा और सुरक्षा के संबंध अटूट रहेंगे, भले ही वे चीन के साथ आर्थिक व्यापार बढ़ा रहे हों.
अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ब्रिटेन अपने कदम पीछे खींचता है या चीन के साथ नई आर्थिक साझेदारी को और मजबूती देता है.