ट्रंप ‘नया UN’ बनाना चाहते हैं- ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का आरोप
नई दिल्ली । डेस्क: ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो ‘लूला’ दा सिल्वा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर संयुक्त राष्ट्र (UN) की भूमिका को कमजोर करने और उसके विकल्प के रूप में एक नया वैश्विक ढांचा खड़ा करने की कोशिश का आरोप लगाया है. लूला ने कहा कि ट्रंप “UN को सुधारने के बजाय ऐसा नया UN बनाना चाहते हैं, जिसके अकेले मालिक वही हों.”
दक्षिणी ब्राज़ील के रियो ग्रांडे दो सुल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लूला ने कहा कि ट्रंप “दुनिया को ट्विटर के ज़रिये चलाना चाहते हैं” और उनके हर बयान के बाद पूरी दुनिया उसी पर चर्चा करने लगती है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “जंगल के कानून” की वापसी करार दिया.
लूला ने बहुपक्षवाद का जोरदार बचाव करते हुए चेतावनी दी कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका कई UN निकायों से खुद को अलग कर रहा है और ट्रंप द्वारा स्विट्ज़रलैंड में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक नई पहल की घोषणा की गई है.
लूला ने हाल ही में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत की थी, जिसमें शी ने संयुक्त राष्ट्र की “केंद्रीय भूमिका” की रक्षा करने की अपील की. दूसरी ओर, ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति, व्यापारिक टैरिफ और सैन्य धमकियों के कारण अमेरिका के सहयोगी देश भी उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं.
डावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान लॉन्च किए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में युद्ध अपराधों के आरोप हैं.
हालांकि शुरुआत में इस बोर्ड को ग़ज़ा के पुनर्निर्माण से जोड़कर देखा गया था, लेकिन इसके चार्टर में ग़ज़ा का कोई उल्लेख नहीं है.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने मानवीय और मानवाधिकार गतिविधियों के लिए गंभीर फंड संकट की बात कही है. जहां UN का वार्षिक बजट करीब 3.72 अरब डॉलर है, वहीं ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के ड्राफ्ट चार्टर के मुताबिक सदस्य देशों को तीन साल से अधिक बने रहने के लिए 1 अरब डॉलर का भुगतान करना होगा.