ट्रंप व्हाइट हाउस के 'प्रबंधक' हैं, न कि उसके 'मालिक'- जिला जज
नई दिल्ली । डेस्क: व्हाइट हाउस के ऐतिहासिक स्वरूप के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अदालत से कड़ा संदेश मिला है. डिस्ट्रिक्ट जज रिचर्ड लियोन ने ट्रंप के 400 मिलियन डॉलर के महत्वाकांक्षी बॉलरूम प्रोजेक्ट पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को देश की इस ऐतिहासिक धरोहर में मनमाना बदलाव करने का अधिकार नहीं है.
जज लियोन ने अपने फैसले में राष्ट्रपति की शक्ति की सीमाएं तय करते हुए कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति भविष्य की पीढ़ियों के लिए व्हाइट हाउस का 'प्रबंधक' है, न कि उसका 'मालिक'."
अदालत ने यह आदेश 'नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन' की याचिका पर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ट्रंप ने बिना वैधानिक अधिकार के ऐतिहासिक 'ईस्ट विंग' को ध्वस्त कर नए निर्माण की शुरुआत की है.
अदालत ने निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस इस परियोजना को विशेष रूप से मंजूरी नहीं देती, तब तक कोई नया ढांचा तैयार नहीं किया जा सकता.
न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि कोई भी कानून राष्ट्रपति को वह असीमित शक्ति नहीं देता जिसका वे दावा कर रहे हैं.
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संस्था को 'वामपंथी' बताया और अपनी परियोजना को दुनिया की सबसे बेहतरीन इमारत करार दिया. फिलहाल 90,000 वर्ग फुट के इस विवादित प्रोजेक्ट का भविष्य अब कानूनी लड़ाई और कांग्रेस की अनुमति पर टिक गया है.