मूसलाधार बारिश से बस्तर में बाढ़ जैसे हालात: 1 की मौत और 8 जिलों में स्कूल बंद
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार से जारी लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. बारिश का सबसे भीषण असर बस्तर संभाग में देखने को मिल रहा है, जहां नदियां और नाले उफान पर हैं. सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में सबरी नदी खतरे के निशान (42 मीटर) को पार कर 43.02 मीटर पर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है.
सुकमा प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है और लोगों को नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है.
बारिश से जुड़ी आपदा में कोंडागांव जिले में एक दुखद हादसा सामने आया, जहां खेत में जलभराव के बीच मछली पकड़ते समय 40 वर्षीय एक किसान का पैर फिसल गया और वह बहते नाले में डूब गया. उधर, सुकमा के कन्या भेषजी आश्रम में भी बाढ़ का पानी घुस जाने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छात्राओं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया.
बारिश के कारण राज्य के अंदरूनी इलाकों में सड़क संपर्क पूरी तरह ठप हो गया है. झापरा पुल पर पानी का तेज बहाव होने से सुकमा-मलकानगिरी मार्ग बंद है, जबकि डब्बा-मोटा पुलिया पर जलभराव के कारण सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर यातायात ठप हो गया है.
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए 8 जिलों-दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, गरियाबंद, धमतरी और दुर्ग में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी थी. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की त्रैमासिक परीक्षाओं को भी स्थगित करना पड़ा है.
राजधानी रायपुर समेत जगदलपुर में कई मुख्य मार्गों और एनएच-30 पर भारी जलजमाव से रायपुर-जगदलपुर यातायात बाधित हुआ है.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और आपदा प्रबंधन टीमों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश भर में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा है.