TMC के 3 बैंक खातों पर रोक, करोड़ों रुपये फ्रीज
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा अंदरूनी विवाद अब बैंक खातों और पैसों की लड़ाई में बदल गया है. पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए टीएमसी के तीन निजी बैंक खातों से होने वाले सभी वित्तीय लेन-देन और निकासी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. सूत्रों के मुताबिक, इन खातों में करोड़ों रुपये जमा हैं.
यह कार्रवाई दक्षिण 24 परगना के एक टीएमसी विधायक द्वारा विधाननगर पुलिस के साइबर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इन खातों में पद और पावर का दुरुपयोग कर अवैध रूप से कमाया गया धन जमा किया गया है.
शिकायतकर्ता विधायक ने डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए होने वाले लेन-देन का हवाला देते हुए सबूत नष्ट होने की आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया.
इस बीच, इस कार्रवाई के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. बताया जा रहा है कि ऋतब्रत बनर्जी समर्थक इन खातों पर अपना नियंत्रण चाहते हैं और वे पुलिस के पास भी पहुंचे हैं.
दूसरी ओर, ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले विधायक कुणाल घोष ने 'बागी' नेताओं पर तीखा हमला बोला है. कुणाल घोष का दावा है कि इन्हीं खातों के पैसों का इस्तेमाल करके इन बागी विधायकों ने चुनाव लड़ा था. उन्होंने सवाल उठाया कि वे पैसे लौटाने के बजाय इस तरह की शिकायतें क्यों कर रहे हैं.
मामले की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद बैंक को पत्र लिखकर लेन-देन रोकने का अनुरोध किया था.
हाल ही में संगठन में हुए बदलाव के बाद उनकी जगह सुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन बैंक के दस्तावेजों में अभी भी अरूप विश्वास ही अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) हैं.
पार्टी में मचे घमासान के बीच किसी भी कानूनी पचड़े से बचने के लिए उन्होंने बैंक से खाते फ्रीज करने की मांग की थी, जिसके बाद अब पुलिस ने भी इस पर आधिकारिक रोक लगा दी है.