US नागरिकों के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट से उड़ाये 350 Cr, CBI की गिरफ्त में
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी नागरिकों को ठगकर 350 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जांचकर्ताओं का कहना है कि ये साइबर ठग 2023 से अमेरिकी नागरिकों को अपने जाल में फंसा रहे थे.
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के साथ समन्वय में चलाए गए एक अभियान में इन तीनों को पकड़ा गया. गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम जिगर अहमद, यश खुराना और इंद्रजीत सिंह बाली हैं.
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के घरों से 54 लाख रुपये नकद, आठ मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए हैं. इसके अलावा, अपराध से जुड़े कुछ डिजिटल दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.
सीबीआई के अनुसार, 18 अगस्त को इस मामले से संबंधित शिकायत दर्ज की गई थी. इसके बाद 20 अगस्त से अमृतसर और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अभियान शुरू किया गया.
प्रारंभिक जांच में सीबीआई का अनुमान है कि इस ठगी का नेटवर्क पंजाब से लेकर वाशिंगटन तक फैला हुआ है.
सीबीआई के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि ये ठग 2023 से इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे. तकनीकी रूप से दक्ष ये ठग दूर बैठे ही अमेरिकी नागरिकों के कंप्यूटर और बैंक खातों पर नियंत्रण कर लेते थे. इस तरह उन्होंने अमेरिकी नागरिकों के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट से 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 350 करोड़ रुपये) हड़प लिए.
इस अभियान के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने अमृतसर में एक कॉल सेंटर पर भी छापा मारा. इस कॉल सेंटर से भी विभिन्न आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं. इस छापेमारी में 34 लोगों को हिरासत में लिया गया.
कॉल सेंटर से 85 हार्ड ड्राइव, 16 लैपटॉप और 44 मोबाइल फोन सहित कई डिजिटल दस्तावेज बरामद किए गए.
क्रिप्टोकरेंसी क्या है
क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल या आभासी मुद्रा है जो सुरक्षा के लिए क्रिप्टोग्राफी (एन्क्रिप्शन) का उपयोग करती है और एक विकेन्द्रीकृत नेटवर्क पर काम करती है, यानी इसे कोई केंद्रीय बैंक या सरकार नियंत्रित नहीं करती है. यह एक प्रकार की डिजिटल नकदी है जिसका उपयोग ऑनलाइन लेन-देन के लिए किया जाता है और इसके लेनदेन एक ब्लॉकचेन नामक सार्वजनिक डिजिटल खाते की बही में दर्ज होते हैं, जिससे यह सुरक्षित और अपरिवर्तनीय बन जाती है.
क्रिप्टोकरेंसी को एक डिजिटल वॉलेट में संग्रहीत किया जाता है, जहाँ इसे सुरक्षित रूप से रखा जाता है. क्रिप्टोकरेंसी के सभी लेनदेन एक सार्वजनिक डिजिटल बहीखाते में दर्ज किए जाते हैं जिसे ब्लॉकचेन कहते हैं. ब्लॉकचेन एक विकेन्द्रीकृत नेटवर्क पर होता है, जिससे किसी एक इकाई के लिए इसे बदलना लगभग असंभव हो जाता है.
यह किसी सरकार या वित्तीय संस्था के नियंत्रण में नहीं होती है. यह भौतिक नकदी के बजाय केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में मौजूद होती है. कुछ क्रिप्टोकरेंसी, जैसे बिटकॉइन, अपनी कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव के लिए जानी जाती हैं. बिटक्वाइन 2009 में लॉन्च की गई पहली और सबसे प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी है.