यह भारत है, उत्तर कोरिया नहीं, विरोध करना अपराध नहीं- राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की तुलना उत्तर कोरिया के तानाशाह शासन से की है. 'शर्टलेस प्रोटेस्ट' को लेकर हुई गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने 'X' पर हिंदी में एक पोस्ट साझा कर कहा कि भारत में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र की आत्मा है, कोई अपराध नहीं.
उन्होंने आरोप लगाया कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को धीरे-धीरे उस दिशा में धकेला जा रहा है जहाँ असहमति को 'देशद्रोह' और सवाल पूछने को 'साजिश' करार दिया जा रहा है.
राहुल गांधी ने अपने बयान में कई पिछले आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि चाहे पेपर लीक के खिलाफ युवा हों, न्याय मांगती महिला पहलवान हों, या अपने हक के लिए लड़ते किसान और आदिवासी हर आवाज को लाठियों, आंसू गैस और मुकदमों के दम पर कुचलने की कोशिश की गई है.
उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग खुद को राष्ट्र समझने लगते हैं और विपक्ष को दुश्मन, तब लोकतंत्र का अंत हो जाता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की जवाबदेही और आलोचना को स्वीकार करना ही लोकतंत्र की असली ताकत है.
यह विवाद 20 फरवरी को भारत मंडपम में एआई समिट (AI Summit) के दौरान हुए 'शर्टलेस प्रोटेस्ट' से शुरू हुआ, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दंगा भड़काने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है.
इस मामले में अब तक भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और पूर्व प्रवक्ता भूदेव शर्मा सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ताजा घटनाक्रम में दिल्ली और शिमला पुलिस के बीच चले 24 घंटे के नाटकीय गतिरोध के बाद गुरुवार सुबह गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली पुलिस की टीम रवाना हुई.