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तारिक रहमान की वापसी: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा मोड़

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26 दिस. 2025, 09:16 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

तारिक रहमान
तारिक रहमान

नई दिल्ली । डेस्क: बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ उस समय आया, जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान 17 वर्षों के लंबे आत्मनिर्वासन के बाद गुरुवार को देश लौट आए. ब्रिटेन में रह रहे तारिक रहमान की वापसी ऐसे समय हुई है, जब देश फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनावों की तैयारी कर रहा है और सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है.


58 वर्षीय तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं. वे 2008 में इलाज के बहाने लंदन गए थे, लेकिन उस समय उन पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या की साजिश से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे. इन मामलों के कारण वे लंबे समय तक देश नहीं लौट सके. 

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हालांकि, बीते एक साल में बांग्लादेश की उच्च अदालतों ने उन्हें 2004 के ग्रेनेड हमले और जिया ऑर्फनेज ट्रस्ट घोटाले समेत सभी प्रमुख मामलों में बरी कर दिया, जिससे उनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ.


तारिक रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है, जब 15 साल तक सत्ता में रहीं शेख हसीना को 2024 के हिंसक जनउभार के बाद पद छोड़ना पड़ा. इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी, जिसे चुनावी सुधार और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद देश में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं.


बीएनपी के लिए तारिक रहमान की वापसी बेहद अहम मानी जा रही है. लंबे समय से पार्टी का नेतृत्व विदेश से हो रहा था, लेकिन अब उनके देश में मौजूद रहने से पार्टी को चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने में मदद मिलेगी. 


बीएनपी नेताओं का कहना है कि तारिक रहमान 27 दिसंबर को मतदाता के रूप में पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करेंगे, जिससे वे सीधे चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे. उन्होंने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वे 2026 का आम चुनाव लड़ने जा रहे हैं.


इस पूरे घटनाक्रम पर भारत की भी करीबी नजर है. बांग्लादेश भारत का महत्वपूर्ण पड़ोसी है और वहां की राजनीतिक स्थिरता का असर सीमा सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग पर पड़ता है. तारिक रहमान के संभावित प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में उभरने से बांग्लादेश की विदेश और घरेलू राजनीति की दिशा बदल सकती है.


खालिदा जिया की उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए बीएनपी अब तारिक रहमान को अपना सबसे मजबूत चेहरा मान रही है. 


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बीएनपी बहुमत हासिल करती है, तो तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं. 


ऐसे में उनकी वापसी न सिर्फ बांग्लादेश, बल्कि भारत समेत पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम मानी जा रही है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP