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सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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18 सित. 2026, 02:31 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

सुरेंद्र कोली
सुरेंद्र कोली

हरिद्वार । डेस्क: वर्ष 2006 के बहुचर्चित निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की उत्तराखंड के हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. पुलिस के अनुसार, कोली का शव हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में स्थित उसकी चाय की दुकान में मिला है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.


सुसाइड नोट नहीं मिला, जांच जारी


हरिद्वार पुलिस अधिकारी कुंदन सिंह राणा और नगर क्षेत्राधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने अल्मोड़ा के मंगरूखाल गांव में रहने वाले उसके परिजनों को सूचित कर दिया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मौत की सटीक वजहों का पता लगाया जा रहा है.

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सुरक्षा गार्ड के बाद खोली थी चाय की दुकान


मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था. जेल से रिहा होने के बाद उसने शुरुआत में एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम किया था. इसके बाद हाल ही में उसने एक दुकान किराए पर लेकर चाय का काम शुरू किया था.


नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने किया था बरी


नोएडा के सेक्टर-31 स्थित व्यापारी मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी डी-5 में घरेलू नौकर रहे सुरेंद्र कोली को निठारी कांड के सभी मामलों में अदालत से राहत मिल चुकी थी. सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में उसे अंतिम शेष मामले में भी बरी कर दिया था. शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि जब एक ही सबूत, इकबालिया बयान और जांच के आधार पर 12 अन्य मामलों में बरी किया जा चुका है, तो एक सजा को बनाए रखना न्याय का उपहास होगा.


2006 का खौफनाक निठारी कांड


दिसंबर 2006 में नोएडा की कोठी के पीछे नाले से बच्चों और महिलाओं के कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां मिलने के बाद देश भर में हड़कंप मच गया था. मामले की जांच जनवरी 2007 में सीबीआई को सौंपी गई थी. अदालत द्वारा पुलिस जांच में कमियां, ढीले सबूत और दबाव में लिए गए बयानों को खारिज करने के बाद सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर दोनों को ही आरोपों से बरी कर दिया गया था. पंधेर को अक्टूबर 2023 में ही जेल से रिहा कर दिया गया था.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP