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अचानक मौतें कोविड-19 टीकाकरण से नहीं- जेपी नड्डा

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26 जुल. 2025, 12:50 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

जेपी नड्डा
जेपी नड्डा

नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में कहा कि भारत में अचानक होने वाली मौतों का कारण कोविड-19 टीकाकरण नहीं, बल्कि जेनेटिक प्रवृत्ति और जोखिम भरी जीवनशैली हो सकती है. लोकसभा में बोलते हुए, नड्डा ने देश भर में अस्पष्ट कारणों से होने वाली मौतों में अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं और आनुवंशिक कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया.


जेपी नड्डा ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा किये गये अध्ययनों का हवाला दिया. 

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उन्होंने कहा, “इन अध्ययनों से पता चला है कि कोविड-19 टीकाकरण से युवा वयस्कों में अस्पष्ट अचानक मौतों का जोखिम नहीं बढ़ता. हालांकि, कोविड-19 के कारण पहले अस्पताल में भर्ती होना, अचानक मौत का पारिवारिक इतिहास, और कुछ जीवनशैली व्यवहारों से इसकी संभावना बढ़ जाती है.”


उन्होंने आगे बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नेतृत्व में किये गये प्रारंभिक अध्ययन के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस आयु वर्ग में हृदयाघात (मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन) अचानक मौत का प्रमुख कारण बना हुआ है. 


नड्डा ने कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि कोविड-19 से पहले के वर्षों की तुलना में कारणों के पैटर्न में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है.”


इस बीच, सरकार ने संसद को सूचित किया कि अप्रैल से जुलाई के बीच कोविड-19 से 164 लोगों की मृत्यु हुई है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कोविड-19 मामलों के हाल के रुझान पर जानकारी दी. 


उन्होंने कहा, “मई 2025 के अंत से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कोविड-19 मामलों में थोड़ी वृद्धि दर्ज की गई थी, जो जून के मध्य तक काफी हद तक कम हो गई.”


जाधव ने आगे बताया, “22 जुलाई तक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 1 अप्रैल से कोविड-19 के कारण 164 मौतों की सूचना दी थी; इनमें से अधिकांश मामले उन व्यक्तियों के थे जिन्हें अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं.”

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP