झारखंड में छात्रों के आंदोलन को मिला दिल्ली का साथ, शुक्रवार रात वार्ता
रांची । डेस्क: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन और उग्र होता जा रहा है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले जारी इस प्रदर्शन का शुक्रवार को 14वां दिन था. इस बीच आंदोलनरत छात्रों को अब दिल्ली से भी समर्थन मिलने लगा है.
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने वाले और गाजियाबाद के एलएलबी छात्र मोहम्मद जुनैद मलिक अपनी टीम के साथ रांची पहुंच चुके हैं. पुलिसिया कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट तक की कानूनी लड़ाई का सामना करने के बावजूद जुनैद का हौसला डिगा नहीं है.
वह अब रांची में लगातार दो हफ्तों से आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए नाश्ते, भोजन और जरूरी सुविधाओं का प्रबंध कर रहे हैं. जुनैद का कहना है कि यह एक सामूहिक प्रयास है और उनकी टीम न्याय मिलने तक छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी.
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार से अपील की है कि बारिश और जलभराव के बीच धरने पर बैठे छात्रों की मांगें सुनकर जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए.
दूसरी ओर, आंदोलन स्थल पर स्थिति गंभीर बनी हुई है. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कुल छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. भूख हड़ताल के छठे दिन एक छात्र की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.
तनाव खत्म करने के प्रयास के तहत प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन छात्रों का आरोप है कि अब तक उन्हें राज्य सरकार की ओर से बातचीत का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है. इसके चलते गतिरोध बरकरार है और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.
गतिरोध खत्म करने सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता आज रात
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है. इस बीच, आंदोलनरत छात्रों और झारखंड सरकार के बीच गतिरोध को सुलझाने के लिए शुक्रवार रात एक अहम बैठक बुलाई गई है.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' के अनुसार, राज्य सरकार ने छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए स्टेट गेस्ट हाउस में आमंत्रित किया है. हालांकि, मंच के नेता और छात्र प्रतिनिधि रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मुख्य मांग 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को तुरंत रद्द करना है. इसके साथ ही वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जो सीबीआई (CBI) द्वारा की जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल द्वारा कराई जाए. प्रदर्शन के 14वें दिन भी छह अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं.