पहले GST सुधारों से 20 लाखों करोड़ की बचत संभव थी
चेन्नई । डेस्क: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू किए गए GST सुधारों से भारतीयों को 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने यह स्वीकार नहीं किया कि इस राहत का 50% हिस्सा राज्य सरकारों ने वहन किया है.
स्टालिन ने जोर देकर कहा कि यदि ये सुधार आठ साल पहले लागू किए गए होते, तो देश के परिवारों को लाखों करोड़ रुपये की अतिरिक्त बचत हो सकती थी.
गौरतलब है कि एक अनुमान के अनुसार यदि 1 साल में 2.5 लाख करोड़ रुपयों की बचत होती है तो यदि 8 साल पहले इसे लागू किया गया होता तो 20 लाख करोड़ रुपयों की बचत हो सकती थी.
22 सितंबर से लागू हुए GST 2.0 सुधार, जिसे "GST बचत उत्सव" के रूप में प्रचारित किया गया, ने मौजूदा 5%, 12%, 18% और 28% के चार-स्लैब ढांचे को सरल कर 5% और 18% के दो-स्लैब ढांचे में बदला है.
प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को लिखे पत्र में कहा कि आयकर में छूट और GST सुधारों से मध्यम वर्ग को 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी.
हालांकि, स्टालिन ने केंद्र पर राज्यों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'X' पर लिखा कि तमिलनाडु को केवल इसलिए #SamagraShiksha फंड से वंचित किया जा रहा है, क्योंकि राज्य #HindiImposition को स्वीकार नहीं करता.
उन्होंने केंद्र से सवाल किया, "यह अन्याय कब खत्म होगा?" स्टालिन ने आगे कहा कि भारत का विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक राज्यों को दंडित किया जाता है और उनके अधिकारों का हनन होता है. उन्होंने केंद्र से संघवाद का सम्मान करने, राज्यों को उनके हक के फंड जारी करने और लोगों को उनका अधिकार देने की मांग की.