प. बंगाल में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. राज्य विधानसभा में पावर विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं होगा.
इसके साथ ही उपभोक्ता सुविधाओं में सुधार करते हुए घोषणा की गई कि अगले वर्ष जनवरी से पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) तीन महीने के बजाय हर महीने बिजली बिल जारी करेगी.
राज्य में हरित ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बक्रेश्वर में 800 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर यूनिट और 200 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के साथ-साथ ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क विकसित करने की योजना बनाई है.
इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पीएम-कुसुम योजना के तहत 1 अगस्त से कृषि उपयोग वाली बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी.
सामाजिक कल्याण के तहत राज्य के 54,000 आंगनवाड़ी केंद्रों (ICDS) को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे और 1,000 उच्चतर माध्यमिक बालिका विद्यालयों व कॉलेजों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी.