रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' व्यवस्था पर केंद्र को नोटिस

C

CG Khabar

13 अग. 2025, 05:33 AM 2 मिनट में पढ़ें 5

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण नीति में 'क्रीमी लेयर' जैसी व्यवस्था लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है. यह याचिका रामशंकर प्रजापति ने दायर की थी, जिसमें दावा किया गया कि वर्तमान आरक्षण नीति से SC/ST समुदायों के भीतर पहले से संपन्न और प्रभावशाली समूहों को अधिक लाभ मिल रहा है, जबकि सबसे वंचित लोग गरीबी के चक्र में फंसे हुए हैं.


जस्टिस सूर्या कांत और जॉयमल्या बागची की पीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और मामले को 10 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया. याचिका में आर्थिक आधार पर SC/ST के लिए दो-स्तरीय आरक्षण प्रणाली शुरू करने की मांग की गई है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाए.

विज्ञापन


महत्वपूर्ण बिंदु


  • याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि आरक्षण नीति में आर्थिक मापदंड को शामिल करने की जरूरत है ताकि इसका लाभ सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे.
  • याचिका में SC/ST के लिए 'क्रीमी लेयर' की पहचान और उन्हें आरक्षण लाभ से बाहर करने की नीति विकसित करने की मांग की गई है.
  • सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की संविधान पीठ के अगस्त 2024 के फैसले का हवाला दिया गया, जिसमें जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा था कि SC/ST में 'क्रीमी लेयर' को आरक्षण से बाहर करने से वास्तविक समानता प्राप्त होगी.
  • याचिका में कहा गया कि SC/ST समुदायों के एक छोटे लेकिन प्रभावशाली वर्ग ने आरक्षण का लाभ उठाकर उच्च सरकारी पद, आर्थिक स्थिरता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल की है, जिससे समुदाय के भीतर आर्थिक असमानता बढ़ी है.


याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव आरक्षण के प्रतिशत को कम करने का नहीं, बल्कि इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए आय-आधारित प्राथमिकता तंत्र शुरू करने का है.


कोर्ट ने इस मुद्दे पर सावधानीपूर्वक विचार करने की सलाह दी, क्योंकि आरक्षण नीति संवेदनशील है और इस पर अलग-अलग विचार हो सकते हैं.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP