RSS ने हमारी रक्षा नहीं की, पटेल और सेना ने बचाया: प्रियंक खरगे का पलटवार
बेंगलुरु । डेस्क: कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बी एल संतोष के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि हैदराबाद रियासत के एकीकरण के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार को रजाकारों से बचाया था.
खरगे ने स्पष्ट रूप से कहा कि हैदराबाद क्षेत्र के लोगों और उनके परिवार की रक्षा किसी संगठन ने नहीं, बल्कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल और भारतीय सेना ने की थी.
उन्होंने कहा कि सितंबर 1948 में हैदराबाद को भारत में शामिल करने के लिए चलाया गया 'ऑपरेशन पोलो' एक सैन्य अभियान था, जिसका नेतृत्व भारत सरकार और सेना ने किया था, न कि आरएसएस ने.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बी एल संतोष ने 'अखंड भारत संकल्प दिवस' के एक कार्यक्रम में दावा किया कि विभाजन और हैदराबाद रियासत के दौर में आरएसएस कार्यकर्ताओं ने रजाकारों का मुकाबला कर हिंदुओं और खरगे परिवार की जान बचाई थी.
इसके जवाब में प्रियंक खरगे ने संवाददाता सम्मेलन में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दंगों के समय आरएसएस ने लोगों की रक्षा करने के बजाय सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का काम किया है.
उन्होंने वीर सावरकर और सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज का जिक्र करते हुए इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर बीजेपी नेता के दावों को चुनौती दी और कहा कि 560 से अधिक रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत का निर्माण सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प की वजह से ही संभव हो सका था.