दावा- बाल ठाकरे की मौत आधिकारिक तारीख से दो दिन पहले हुई थी
मुंबई । डेस्क: मुंबई महानगरपालिका चुनावों से कुछ महीनों पहले ही महाराष्ट्र की राजनीति में एक सनसनीखेज दावा ने हलचल मचा दी है. शिवसेना नेता रामदास कदम ने दावा किया है कि पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे की मौत आधिकारिक तारीख से दो दिन पहले हो गई थी और उनके शव को मातोश्री पर रखा गया था ताकि वसीयत पर उनकी उंगलियों के निशान लिए जा सकें.
शिवसेना के दशहरा रैली में यह विवादास्पद बयान आया, जिसने उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) सेना और एकनाथ शिंदे गुट के बीच पहले से चली आ रही कड़वाहट को और गहरा कर दिया.
कदम ने कहा कि यह विवाद बाल ठाकरे की वसीयत से जुड़ा हुआ है और वे नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं. उन्होंने उद्धव ठाकरे को भी इसी तरह की जांच के लिए चुनौती दी.
यूबीटी सेना ने तीखा जवाब देते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी.
यूबीटी नेता अनिल परब ने कहा, "मैं रामदास कदम के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने जा रहा हूं. बालासाहेब के निधन के समय डॉक्टर और कई गवाह मौजूद थे, जिनमें मैं भी शामिल था. अगर वे माफी नहीं मांगते, तो हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे."
विपक्षी गुट ने पलटवार करते हुए 1993 में कदम की पत्नी ज्योति कदम के जलने की पुरानी घटना पर सवाल उठाए.
इस घटना ने न केवल शिवसेना के आंतरिक कलह को उजागर किया है, बल्कि आगामी नगरीय चुनावों के माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है.
दोनों गुटों के बीच यह दुश्मनी अब चरम पर पहुंच चुकी है, और राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुंबई की सियासत को प्रभावित कर सकती है.