राम रहीम को 40 दिन की पैरोल, साल में तीसरी बार
नई दिल्ली । डेस्क: विवादास्पद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह, जो बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं, को मंगलवार को हरियाणा के रोहतक शहर की उच्च सुरक्षा वाली जेल से फिर से रिहा किया गया. यह इस साल उनकी तीसरी रिहाई है और 2017 में उनकी सजा के बाद से 14वीं बार है.
पिछली पैरोल तीन महीने पहले मिली थी, और इस बार उन्हें 40 दिन की पैरोल दी गई है.
उनकी रिहाई का समय उनके जन्मदिन, 15 अगस्त, के साथ मेल खाता है. इससे पहले, उन्हें अप्रैल में 21 दिन की फरलो और जनवरी में 30 दिन की पैरोल दी गई थी.
राम रहीम अपने सिरसा डेरे में रहेंगे, जो 2017 में बलात्कार के मामलों में सजा के बाद तीसरी बार वहां ठहरने का मौका है.
पहले की पैरोल या फरलो में उन्हें सिरसा में रहने की अनुमति नहीं थी, बल्कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शाह सतनाम आश्रम, बरनावा में रहने की अनुमति दी गई थी.
25 अगस्त, 2017 को उनकी सजा के बाद पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें 41 लोग मारे गए थे और 260 से अधिक घायल हुए थे.
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को पंजाब और हरियाणा में लगभग दो दशकों से राजनीतिक नेताओं और दलों द्वारा संरक्षण दिया जाता रहा है, क्योंकि वे अपने अनुयायियों के वोटों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं.
हर बार, मारे गए पत्रकार राम चंदर छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति, जिनकी हत्या के लिए राम रहीम आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, पैरोल देने का विरोध करते रहे हैं.
राम रहीम वर्तमान में रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं, जो राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से 250 किलोमीटर दूर है.
पहले, उच्च न्यायालय ने उनकी दत्तक पुत्रियों की शादी समारोह में शामिल होने के लिए पैरोल की याचिका को खारिज कर दिया था.
स्वयंभू बाबा को अगस्त 2017 में दो महिलाओं के साथ बलात्कार के लिये 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी.
2019 में पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें और तीन अन्य लोगों को 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.