ऑपरेशन सिंदूर में सेना को नहीं मिली पूरी स्वतंत्रता- राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आतंकी ठिकानों पर हमले के दौरान सैन्य बलों को पूर्ण "स्वतंत्रता" नहीं दी और "100 प्रतिशत राजनीतिक इच्छाशक्ति" की कमी दिखाई.
राहुल ने कहा कि पहलगाम में बाईसारन घाटी में पर्यटकों पर हुये आतंकी हमले के जवाब में शुरू किये गये ऑपरेशन सिंदूर में सरकार ने वायुसेना के पायलटों को पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना न बनाने का निर्देश दिया, जिसके कारण भारतीय विमान गिराये गये.
उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का हवाला देते हुये कहा, "ऑपरेशन रात 1:05 बजे शुरू हुआ और 22 मिनट तक चला. लेकिन 1:35 बजे सरकार ने पाकिस्तान को फोन कर बता दिया कि हम युद्ध नहीं चाहते और केवल गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. यह कमजोर इच्छा शक्ति का सबूत है."
उन्होंने आगे कहा, "सरकार ने सैन्य ठिकानों पर हमला न करने का निर्देश दिया, जिससे हमारे विमान खतरे में पड़े. सीडीएस अनिल चौहान ने गलतियों की बात की, लेकिन गलती वायुसेना की नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की थी."
राहुल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के "पाकिस्तान को रोकने" के दावे पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के आसिम मुनीर को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस बुलाया, जहां हमारे पीएम भी नहीं जा सकते. यह कैसी कूटनीति है?"
राहुल ने सरकार से सवाल किया कि ऑपरेशन में ऐसी रणनीति क्यों अपनाई गई, जिसने सेना की ताकत को सीमित किया. उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में स्पष्ट जवाब दे और भविष्य में सेना को पूर्ण स्वतंत्रता सुनिश्चित करे.