राहुल का दावा: राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘वोट चोरी’ का सबूत मांगा, विपक्ष ने सौंपा ज्ञापन
नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'वोट चोरी' के आरोपों पर विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से पुख्ता सबूत मांगे हैं. INDIA गठबंधन के सांसदों ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुनाव प्रणाली में कथित धांधली और साजिश को लेकर एक ज्ञापन सौंपा.
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों का खंडन नहीं किया और न ही कोई सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को सुना और सबूत पेश करने को कहा, जिसे विपक्ष जल्द ही राष्ट्रपति को सौंपने के लिए तैयार है.
विपक्षी दलों के इस ज्ञापन में हाल के वर्षों में हुए कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ईवीएम (EVM) तथा मतदाता सूचियों में हेरफेर का गंभीर आरोप लगाया गया है. इस ज्ञापन में राष्ट्रपति के समक्ष मुख्य रूप से चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
1) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और 2023 के उस कानून को रद्द करना, जिसे सांसदों के अनुसार चुनाव आयुक्तों को आजीवन कानूनी छूट प्रदान करने वाला बताया गया है.
2) विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तुरंत निलंबित करना और कथित तौर पर मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नामों को बहाल करना.
3) देश के सभी आगामी और भविष्य के चुनावों को फिर से बैलेट पेपर (कागजी मतपत्र) के जरिए कराने की व्यवस्था लागू करना.
4) पिछले दो वर्षों में आयोजित उन सभी विधानसभा चुनावों के परिणामों को रद्द करना, जिनमें कथित तौर पर वोट चोरी के अकाट्य प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि वे राष्ट्रपति के इस रवैये से हैरान थे कि उन्होंने चुनाव प्रणाली के स्वतंत्र और निष्पक्ष होने का दावा करते हुए आरोपों को खारिज नहीं किया.
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात कर उन्हें भी यह ज्ञापन सौंपेगा. दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पहले ही विपक्ष के 'वोट चोरी' के इन तमाम आरोपों को पूरी तरह खारिज कर चुके हैं.