पुदुचेरी नकली दवा कांड, सीबीआई ने संभाली जांच की कमान
पुदुचेरी । डेस्क: पुदुचेरी में नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री से जुड़े सनसनीखेज मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है. पुदुचेरी सरकार के विशेष अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए, सीबीआई की दिल्ली स्थित भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने तीन प्रमुख संदिग्धों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं.
यह मामला तब प्रकाश में आया जब पुदुचेरी के औषधि नियंत्रण विभाग ने सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच मेट्टुपलायम और सेदारापेट क्षेत्रों में कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान पता चला कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से दवा निर्माण इकाइयां संचालित की जा रही थीं.
अधिकारियों ने इन परिसरों को सील कर वहां से भारी मात्रा में तैयार दवाएं, कच्चा माल, हाई-टेक मशीनें और उपकरण जब्त किए हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस से जांच लेकर पहले सीबीसीआईडी (CBCID) को सौंपी गई थी, जिसने इस नेटवर्क की गहराई का खुलासा किया. शुरुआती जांच में सामने आया कि यह महज एक स्थानीय अपराध नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं.
इसमें शामिल अपराधियों का नेटवर्क बेहद संगठित है, जो जटिल सप्लाई चेन और अवैध वित्तीय लेन-देन के जरिए संचालित हो रहा था. जब्त की गई दवाओं में बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले सिरप और अन्य तेजी से बिकने वाली जरूरी दवाएं शामिल थीं, जो या तो पहले ही एक्सपायर हो चुकी थीं या एक्सपायरी के करीब थीं.
इन दवाओं को दोबारा पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था.
पुदुचेरी प्रशासन का मानना है कि इस घोटाले के व्यापक आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निहितार्थ हो सकते हैं, जिसकी जांच के लिए अंतरराज्यीय समन्वय और अंतरराष्ट्रीय संपर्क की आवश्यकता है. इसी बहुआयामी चुनौती को देखते हुए मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया.
फिलहाल, जब्त दवाओं के नमूनों को चेन्नई स्थित केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा सके. सीबीआई अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इस सिंडिकेट के पीछे कौन-से बड़े खिलाड़ी शामिल हैं और इसका जाल किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है. Symbolic Photo