शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

पैप्स विवाद: हुमा बोलीं- स्टार्स खुद बुलाते हैं फोटोग्राफर्स

C

CG Khabar

13 दिस. 2025, 01:59 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

हुमा कुरैशी
हुमा कुरैशी

मुंबई । डेस्क: बॉलीवुड में इन दिनों पापाराज़ी (Paparazzi) की भूमिका और उनकी बढ़ती दखलंदाजी को लेकर बहस छिड़ी हुई है. जया बच्चन द्वारा पैप्स के व्यवहार पर सार्वजनिक रूप से नाराज़गी जताने के बाद, अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने इस विषय पर अपना सीधा और बेबाक मत रखा है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भले ही सितारे अक्सर पैप्स से परेशान होने की शिकायत करते हों, लेकिन हकीकत यह है कि जरूरत पड़ने पर कई सेलेब्रिटी खुद ही फोटोग्राफर्स को कॉल करके बुलाते हैं.


एक इंटरव्यू में हुमा कुरैशी ने इंडस्ट्री के अंदरूनी सच को सामने रखा. उन्होंने कहा, "हम सभी कम या ज्यादा जानते हैं कि इंडस्ट्री में चीजें कैसे काम करती हैं. जब कोई स्टार चाहता है कि उसे देखा जाए, तो वे कई बार खुद ही पापाराज़ी को खबर देते हैं." उनके अनुसार, इस सच्चाई से इनकार करने का कोई मतलब नहीं है. हुमा ने संकेत दिया कि यह कहना पूरी तरह सच नहीं है कि वे हर समय कैमरे के सामने आकर परेशान होते हैं.


गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले जया बच्चन ने खुले तौर पर पैप्स के आचरण पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि सितारों के निजी पलों में कैमरा घुसाना ठीक नहीं है. उनके इस बयान के बाद ही यह चर्चा फिर से शुरू हो गई थी कि क्या पापाराज़ी संस्कृति हद से ज्यादा बढ़ रही है.


इस संदर्भ में, हुमा कुरैशी ने यह भी जोड़ा कि पापाराज़ी भी अपना काम ही कर रहे हैं. उनकी तस्वीरें खींचने की वजह से ही सितारे सुर्खियों में रहते हैं, और बदले में सितारों को भी प्रचार का लाभ मिलता है. हुमा ने इसे "एक तरह का पारस्परिक निर्भरता का संबंध" बताया. उनका मानना है कि सिर्फ पापाराज़ी को दोष देने से तस्वीर का सिर्फ आधा हिस्सा ही दिखता है.


हालांकि, अभिनेत्री ने यह भी माना कि कभी-कभी सीमाएं लांघी जाती हैं. निजी स्थानों में प्रवेश करना या असहज सवाल पूछना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने जोर दिया कि ऐसे मामलों में नियम और शालीनता बनाए रखना आवश्यक है.


कुल मिलाकर, जया बच्चन की टिप्पणी के जवाब में हुमा कुरैशी का यह बयान बॉलीवुड में एक नई बहस को जन्म दे चुका है. एक तरफ सितारों के व्यक्तिगत दायरे का सवाल है, तो दूसरी तरफ प्रचार की वास्तविकता. इन दोनों के बीच खड़ी होकर हुमा कुरैशी ने साफ कर दिया है कि पापाराज़ी संस्कृति केवल एकतरफा समस्या नहीं है, बल्कि यह इंडस्ट्री का एक अभिन्न अंग है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP