भारत की कूटनीतिक विफलताओं के कारण पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरा
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया संकट में पाकिस्तान की मध्यस्थता की खबरों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के "दलाल देश" (Dalaal Nation) वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार की "हगलोमेसी" (Huglomacy) और कूटनीतिक विफलताओं के कारण आज एक बदहाल पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थ बनकर उभरा है.
रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि स्वयंभू 'विश्वगुरु' के कार्यकाल में भारत की क्षेत्रीय कूटनीति को बड़ा झटका लगा है और विदेश मंत्री जयशंकर केवल भारत की इस "अत्यधिक शर्मिंदगी" को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं.
The dapper and long-experienced External Affairs Minister is doing his best to cover up India’s extreme embarrassment and the setback to its regional diplomacy from Pakistan’s emergence as a mediator and facilitator of talks to end the current war in West Asia.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) March 26, 2026
It is truly…
कांग्रेस नेता ने पाकिस्तान के आतंकी इतिहास, ओसामा बिन लादेन को शरण देने और परमाणु अप्रसार नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे देश को आज शांतिदूत या मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा है.
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि 26/11 हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान को दुनिया भर में अलग-थलग कर दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार के समय में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा बनते जा रहे हैं.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया संकट पर सरकार का रुख संतोषजनक नहीं है और प्रधानमंत्री मोदी की बयानबाजी वाली कूटनीति ने भारत के प्रभाव को कम किया है.
इस बीच, कांग्रेस के पवन खेड़ा ने भी सवाल उठाया कि जब पीएम मोदी रूस-यूक्रेन के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे थे, तब क्या भारत मध्यस्थ था? विपक्षी दलों ने अब इस पूरे मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा की मांग की है.