इमरान खान को अस्पताल शिफ्ट करने के आदेश को पाक सरकार ने दी चुनौती
नई दिल्ली । डेस्क: इमरान खान के इलाज को लेकर पाकिस्तान सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच खींचतान तेज हो गई है. शीर्ष अदालत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए जाने के बाद, सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटीशन) दाखिल की है.
सरकार का तर्क है कि अदालत ने जेल अधिकारियों का पक्ष सुने बिना यह आदेश जारी किया है, जिससे अन्य कैदियों के बीच भी इस तरह की मांगें उठने का खतरा बन सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान के इलाज के लिए पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया था, जिसमें उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान और बहन उजमा खान को शामिल करने की अनुमति दी गई थी.
इसके साथ ही, अदालत ने खान को हफ्ते में दो बार अपने बेटों से फोन पर बात करने और परिवार से मिलने की इजाजत भी दी. हालांकि, सरकार का कहना है कि नियमों के मुताबिक कैदी को अस्पताल शिफ्ट करने का निर्णय मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाना चाहिए, न कि सीधे अदालत द्वारा.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सरकार के इस रुख पर कड़ा एतराज जताया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि समीक्षा याचिका दाखिल करने से सुप्रीम कोर्ट का मूल आदेश निलंबित नहीं होता और सरकार को आदेश का तुरंत पालन करते हुए इमरान खान को अस्पताल भेजना चाहिए.
दूसरी ओर, सरकार के भीतर से भी इस फैसले को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं, जिससे इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक गतिरोध और गहरा गया है.