फील्ड मार्शल आसीम मुनीर पर में बंकर में छिपने का आरोप
इस्लामाबाद । डेस्क: पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल आसीम मुनीर ने हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी हमले में मारे गए 10 सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए युद्धभूमि पर शहादत की इच्छा जताई. उन्होंने कहा, "मैं एक सच्चा सैनिक हूं और देश की रक्षा के लिए शहीद होना चाहता हूं."
हालांकि, उनकी इस टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है.
मुनीर ने भारत और अफगानिस्तान के तालिबान पर आतंकी हमलों का आरोप लगाया, दावा किया कि पाकिस्तान की दया से ही अफगानिस्तान टिका है. दूसरी ओर, भारत और काबुल ने इसका कड़ा विरोध किया है.
'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत के मिसाइल हमले में पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियां तबाह हुई थीं.
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान मुनीर डर के मारे बंकर में छिप गए थे और अगले दिन अपने परिवार को विदेश भेज दिया.
मीडिया ने उन्हें "गरजने करने वाला शेर जो चूहे में बदल गया" कहकर तंज कसा.
इसके बावजूद, मुनीर ने युद्ध में जीत का दावा किया और 21 मई को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत हुए. वे पाकिस्तान के इतिहास में इस पद को हासिल करने वाले दूसरे व्यक्ति हैं. उनकी तुलना पूर्व सेनाध्यक्ष अयूब खान से की जा रही है, जिसने पाकिस्तान में सैन्य शासन लागू किया था.
ब्रसेल्स में पत्रकार सुहेल वाराइच को दिए साक्षात्कार में मुनीर ने कहा कि उनकी रुचि केवल देश की रक्षा में है, न कि सियासी सत्ता में.
हाल ही में अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने सिंधु जल संधि को रद्द करने की धमकी दी और भारत को "मर्सिडीज" और पाकिस्तान को "पत्थरों से भरा ट्रक" बताकर तंज कसा.
भारत ने जम्मू-कश्मीर में पाक समर्थित आतंकी हमले के जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें कई आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए. जवाब में पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन बनियान-अन-मारसूस' के तहत भारत पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारत ने इनका मुंहतोड़ जवाब दिया.
सूत्रों के मुताबिक, इस संघर्ष में 150 से अधिक पाक सैनिक मारे गए, हालांकि पाकिस्तान ने केवल 10-12 मौतों की बात स्वीकारी.
पूर्व भारतीय उच्चायुक्त जी. पार्थसारथी ने मुनीर को "धर्मांध और झूठ में माहिर" बताते हुए कहा कि वह कोर्ट मार्शल के पुराने मामले से ध्यान हटाने के लिए ऐसी बयानबाजी करते हैं.