PM पेपर लीक-प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर मांगी माफी- विपक्ष
नई दिल्ली । डेस्क: नीट धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने और इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें "माफ" करने के बयान के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री के इस रुख पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे 'विक्टिम कार्ड' खेलना और 'आत्म-मुग्धता' करार दिया है.
विपक्षी दलों का कहना है कि देश के युवाओं को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को बार-बार होने वाले पेपर लीक और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जिम्मेदारी लेने के बजाय देश के युवाओं का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की विफलताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य और मानसिक शांति प्रभावित हुई है, जिसके लिए सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है.
इसके साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा और आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी निशाना साधते हुए कहा कि विरोध दर्ज कराने वाले छात्रों और युवाओं के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, उसके लिए जनता इस सरकार को कभी माफ नहीं करेगी.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था, लेकिन वह देश के युवाओं को अपने बच्चों की तरह मानते हैं और उन्हें सजा देने के बजाय सही राह दिखाना चाहते हैं.
प्रधानमंत्री ने युवाओं को "भटके हुए बच्चे" बताते हुए उन्हें माफ करने की बात कही थी, जिस पर अब मुख्य विपक्षी दलों ने तीखा पलटवार किया है.