ऑपरेशन सिंदूर को किसी विश्व नेता ने नहीं रोका: पीएम मोदी
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, और इस कार्रवाई को रोकने के लिए किसी भी विश्व नेता ने भारत से संपर्क नहीं किया. उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाइयां सटीक और गैर-उत्तेजक थीं, जैसा कि भारत ने वादा किया था.
यह बयान अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाने का श्रेय लिया था.
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई बहस के दौरान, पीएम मोदी ने करीब एक घंटे 42 मिनट के अपने भाषण में ऑपरेशन के कारणों, इसके परिणामों और अमरीकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के साथ उनकी बातचीत का विस्तृत ब्यौरा दिया.
उन्होंने कहा, “9 मई की रात को अमरीका के उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने की कोशिश की, लेकिन मैं उस समय सशस्त्र बलों के अधिकारियों के साथ बैठक में था, इसलिए मैं उनकी कॉल नहीं ले सका. बाद में मैंने उन्हें वापस कॉल किया. उन्होंने मुझसे कहा कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला करने की योजना बना रहा है. मैंने जवाब दिया कि अगर पाकिस्तान हमला करता है, तो हम इसका जवाब और बड़े हमले से देंगे.”
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के हवाई रक्षा तंत्र और हवाई अड्डों को निष्क्रिय कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) ने अपने भारतीय समकक्ष को युद्धविराम के लिए फोन किया.
उन्होंने कहा कि भारत का रुख आतंकवाद के खिलाफ कड़ा है और अगर पाकिस्तान आतंक भेजता रहेगा, तो ऑपरेशन सिंदूर, जो केवल रुका है, समाप्त नहीं हुआ, जारी रहेगा.
मोदी ने अपनी सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की वायु रक्षा की विश्वसनीयता को वैश्विक स्तर पर साबित किया. “यह तकनीक आधारित युद्ध का युग है. 9 मई को पाकिस्तान ने 1,000 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें भेजीं, जिन्हें भारत की वायु रक्षा ने नष्ट कर दिया.”
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों की योजना के परिणामस्वरूप भारत के रक्षा उपकरणों का बाजार अब 100 से अधिक देशों तक फैल गया है. उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति का भी जिक्र किया, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सशस्त्र बलों के बीच तालमेल को प्रदर्शित किया.
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला, जिसने ट्रम्प के दावों के आधार पर सवाल उठाये थे.
उन्होंने कहा, “कांग्रेस की बातें और पाकिस्तान का नैरेटिव एक जैसा लगता है. कुछ छोटे दल, जिन्हें शासन का अनुभव नहीं है, ऐसा कर सकते हैं, लेकिन कांग्रेस, जो लंबे समय तक सत्ता में रही, का इस तरह व्यवहार करना आश्चर्यजनक है.” उन्होंने उरी और बालाकोट हमलों पर भी कांग्रेस के सवालों का जिक्र किया.
मोदी ने इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस की सरकारों की ‘कूटनीतिक भूलों’ को उजागर किया. उन्होंने विशेष रूप से तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय में हुये सिंधु जल संधि का उल्लेख किया, जिसके तहत भारत ने सिंधु नदी का 80% पानी दे दिया और यह भी वचन दिया कि वह अपनी सीमा पर बांधों की गाद नहीं हटायेगा.
“नेहरूजी को भी इस संधि पर पछतावा हुआ, लेकिन बाद की सरकारों ने इसे ठीक नहीं किया. हमारी सरकार ने इस संधि को निलंबित कर दिया है. खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते,” उन्होंने कहा.
उन्होंने पांच नये कारकों का भी उल्लेख किया, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद उभरे हैं, जिसमें भारत का आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख और वैश्विक स्तर पर उसकी रक्षा क्षमताओं की बढ़ती साख शामिल है.