ओडिशा का नुआपाड़ा माओवाद मुक्त हुआ, आखिरी 9 नक्सलियों ने किया सरेंडर
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा पुलिस ने नुआपाड़ा जिले को आधिकारिक तौर पर माओवाद मुक्त घोषित कर दिया है. यह सफलता सोमवार को पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में क्षेत्र के अंतिम नौ सक्रिय नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद मिली है. समर्पण करने वाले ये सभी नौ नक्सली छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं और ओडिशा राज्य समिति का हिस्सा थे.
इनमें तीन डिवीजनल कमेटी सदस्य (DCM) भी शामिल हैं, जो धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा (DGN) डिवीजन के तहत सक्रिय थे.
इन नौ माओवादियों पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिनमें छह महिलाएं शामिल हैं.
इनकी पहचान अंजू उर्फ कविता, बलदेव, डमरू, सोनी, रंजीत, पार्वती, रत्ना, नविता और सरूपा के रूप में हुई है. एडीजी (एंटी-नक्सल ऑपरेशंस) संजीव पांडा ने पुष्टि की कि रिकॉर्ड के अनुसार ये नुआपाड़ा में सक्रिय अंतिम नक्सली थे, जिसके बाद अब यह जिला नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो गया है.
केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च तक देश से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लक्ष्य की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले एक साल में सुरक्षा बलों ने कई बड़े माओवादी नेताओं को ढेर किया है. 21 जनवरी, 2025 को एक संयुक्त ऑपरेशन में केंद्रीय समिति के नेता चलपति सहित 13 कैडरों को मारा गया था, जबकि 11 सितंबर, 2025 को ओडिशा राज्य माओवादी समिति के सचिव मोदमे बालकृष्ण को ढेर किया गया.
सबसे बड़ी सफलता दिसंबर 2025 में मिली, जब कंधमाल जिले में गणेश उइके सहित छह माओवादी मारे गए. वर्तमान में ओडिशा में केवल करीब 70 सक्रिय नक्सली बचे हैं, जिनमें से महज पांच ही ओडिशा के मूल निवासी हैं.