नर्स की हत्या से अमेरिका में सियासी भूचाल: ट्रंप की नीतियों पर बरसे ओबामा
वाशिंगटन । डेस्क: मिन्नेसोटा के मिनियापोलिस में संघीय एजेंटों द्वारा एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में राजनीतिक माहौल गरमा गया है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अमेरिकी मूल्यों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 'प्रहार' करार दिया है.
शनिवार को हुई इस घटना में 37 वर्षीय नर्स एलेक्स प्रेटी की मौत हो गई थी, जो ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थीं.
ओबामा दंपति ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि एलेक्स प्रेटी की हत्या एक हृदयविदारक त्रासदी है और यह हर अमेरिकी के लिए एक चेतावनी होनी चाहिए कि देश के मूल मूल्य खतरे में हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हमला किसी एक पार्टी पर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की पहचान पर है.
इस घटना का असर न्यूयॉर्क तक देखा जा रहा है, जहां के मेयर जोहरान ममानी ने आव्रजन और सीमा प्रवर्तन (ICE) के अधिकारियों की कार्रवाई को 'भयावह' बताया है. ममानी ने स्पष्ट किया कि वे न्यूयॉर्कवासियों की सुरक्षा के लिए अदालत और शहर की नीतियों सहित हर संभव विकल्प का उपयोग करेंगे.
उन्होंने ट्रंप की 'सैंक्चुअरी सिटी' विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि नकाबपोश एजेंट देश भर में लोगों को आतंकित कर रहे हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा की भावना खत्म हो रही है. हालांकि ममानी और ट्रंप के बीच पहले संवाद रहा है, लेकिन मौजूदा स्थितियों ने दोनों के बीच तनाव बढ़ा दिया है.
राजनीतिक रूप से ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी ही पार्टी के भीतर से मिल रही है. आमतौर पर आव्रजन के मुद्दे पर एकजुट रहने वाली रिपब्लिकन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले की गहन जांच की मांग की है.
हाउस होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी के अध्यक्ष ने आईसीई और सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों से गवाही मांगी है.
वहीं, न्यूयॉर्क के रिपब्लिकन सांसद एंड्रयू गार्बरिनो और उत्तरी कैरोलिना के सीनेटर थॉम टिलिस ने निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है. टिलिस ने चेतावनी दी कि जो अधिकारी जांच को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, वे देश और राष्ट्रपति की विरासत के साथ अन्याय कर रहे हैं.
लुइसियाना के सीनेटर बिल कासिडी ने भी इसे 'अत्यंत विचलित करने वाला' बताते हुए कहा कि इस घटना से संघीय एजेंसियों की विश्वसनीयता दांव पर लगी है.
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस और प्रशासन के अधिकारी अपने सख्त रुख पर कायम हैं. उप मुख्य कर्मचारी स्टीफन मिलर ने सोशल मीडिया पर प्रेटी को 'आतंकवादी' करार दिया है, जबकि होमलैंड सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा कि प्रेटी कानून प्रवर्तन कार्यों में बाधा डाल रही थीं.
प्रशासन का तर्क है कि स्थानीय पुलिस के सहयोग न करने के कारण ऐसी स्थितियां पैदा हो रही हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 2025 में कार्यभार संभालने के बाद से ट्रंप की आव्रजन नीतियों की लोकप्रियता में गिरावट आई है और देश 2026 के मध्यावधि चुनावों की ओर बढ़ रहा है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ट्रंप नाटो और डेनमार्क जैसे सहयोगियों के साथ विवादों के कारण दबाव में हैं. ओक्लाहोमा के गवर्नर केविन स्टिट जैसे नेताओं ने अब प्रशासन से स्थिति को शांत करने और आव्रजन प्रवर्तन का अंतिम लक्ष्य स्पष्ट करने की अपील की है.