अब नागरिकता साबित करने का दबाव, पहले BLO भरते थे फॉर्म- दिग्विजय सिंह
भोपाल । डेस्क: कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वर्तमान में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इस प्रक्रिया के तहत अब नागरिकों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा जा रहा है, जबकि पहले बूथ लेवल अधिकारी (BLO) फॉर्म भरा करते थे.
शनिवार 8 नवंबर, 2025 को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि 2003 के नियमों में जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और स्कूल प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ पर्याप्त थे, लेकिन अब नागरिकता प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है, जो 99% भारतीयों के पास नहीं है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है, न कि नागरिकों की.
सिंह ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल (2004-2014) के दौरान लगभग 88,000 "घुसपैठियों" को देश से बाहर किया था, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 11 वर्षों में केवल 2,400 घुसपैठियों का पता लगा पाई है.
इससे पहले, शुक्रवार (7 नवंबर, 2025) को, वाम दलों और समाजवादी पार्टी सहित सात विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) संजीव कुमार झा से मुलाकात की और मांग की कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को SIR प्रक्रिया से दूर रखा जाए.
विपक्षी दलों का आरोप है कि RSS से जुड़े कर्मचारियों की विचारधारा अल्पसंख्यक समुदायों और निचली जातियों के प्रति प्रतिकूल है, जिससे इन समुदायों में अपने मताधिकार से वंचित होने का भय व्याप्त है.