अब 'ApoB' टेस्ट बताएगा हार्ट अटैक-स्ट्रोक का खतरा
शिकागो । डेस्क: हृदय रोगों के जोखिम को मापने के पारंपरिक तरीकों को लेकर अब एक नई और चौंकाने वाली रिसर्च सामने आई है. अमेरिका के नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन के शोधकर्ताओं का दावा है कि केवल कोलेस्ट्रॉल की जांच से दिल की सेहत की पूरी तस्वीर साफ नहीं होती.
नई स्टडी के अनुसार, रक्त में मौजूद 'अपोलिपोप्रोटीन बी' (Apolipoprotein B या ApoB) नाम का एक विशेष प्रोटीन यह बताने में कहीं ज्यादा सटीक है कि किसी व्यक्ति को भविष्य में हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा है या नहीं.
वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्सर दो व्यक्तियों का बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) स्तर समान होने के बावजूद उनके लिए जोखिम का स्तर अलग-अलग हो सकता है. इसका कारण वे हानिकारक कण हैं जो कोलेस्ट्रॉल को धमनियों तक ले जाते हैं.
'ApoB' दरअसल इन्हीं कणों के भीतर मौजूद रहने वाला प्रोटीन है. यदि रक्त में इस प्रोटीन की मात्रा अधिक है, तो इसका सीधा मतलब है कि धमनियों में 'प्लाक' (वसा का जमाव) होने की संभावना ज्यादा है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है.
लगभग ढाई लाख लोगों पर किए गए इस शोध के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है, उनके लिए सामान्य लिपिड प्रोफाइल के बजाय ApoB टेस्ट करवाना जानलेवा खतरों से बचने के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.