किसानों को पूर्ण कर्ज माफी नहीं- निर्मला सीतारमण
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार 23 मार्च, 2026 को लोकसभा में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के पास वर्तमान में किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए निरंतर कदम उठा रही है.
वित्त मंत्री ने बताया कि 'संशोधित ब्याज सब्वेंशन योजना' (MISS) के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से 3 लाख रुपये तक का फसली ऋण रियायती दरों पर दिया जा रहा है, जिसमें समय पर पुनर्भुगतान करने वालों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलता है.
इसके अतिरिक्त, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए बिना गारंटी वाले अल्पकालिक ऋण की सीमा 1.60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है. साथ ही, पीएम-किसान जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को सीधा नकद हस्तांतरण और फसल बीमा का लाभ भी मिल रहा है.
सशस्त्र बलों से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण सवाल पर वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि सैन्य सेवा के दौरान विकलांगता के कारण सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को मिलने वाली 'डिसएबिलिटी पेंशन' पर टैक्स छूट जारी रहेगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि आयकर अधिनियम 2025 लागू होने के बाद उत्पन्न हुई तकनीकी अस्पष्टता को दूर करने के लिए वित्त विधेयक 2026 में विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह नया प्रावधान मौजूदा छूट को ही जारी रखता है, इसलिए किसी नए कर या छूट वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता.
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 31 जनवरी 2026 तक, विकलांगता के साथ सेवानिवृत्त 1,47,263 कर्मियों और सेवा से बाहर हुए 89,598 कर्मियों को इसका लाभ मिल रहा है.
इसके साथ ही उन्होंने सेना में वार्षिक मेडिकल जांच और मेडिकल बोर्ड की प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था कर्मियों के स्वास्थ्य और रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है.