नेपाल बाढ़: 1,355 की मौत, 589 विदेशी सहित 5 हजार लापता
काठमांडू । डेस्क: नेपाल में 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई है. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, प्रभावित इलाकों से लगातार शवों के मिलने के बाद सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई है.
त्रासदी के 13वें दिन भी देश भर में शोक का माहौल है, जबकि मलबे और तबाह हो चुकी संरचनाओं के बीच अपनों की तलाश जारी है.
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13,396 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 4,996 लोग अभी भी लापता हैं. लापता लोगों में कम से कम 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी पहचान और तलाश के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है.
अत्यधिक क्षत-विक्षत शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण का सहारा लिया जा रहा है, जो कई परिवारों के लिए आखिरी उम्मीद बचा है.
सबसे ज्यादा तबाही चितवन जिले में हुई है जहाँ से 363 शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा नवलपरासी पश्चिम से 221, नवलपरासी पूर्व से 222, नुवाकोट से 197, रसुवा से 169, गोरखा से 75, धादिंग से 70 और तनहुँ जिले से 38 शव मिले हैं. उत्तरी और मध्य नेपाल के बहते भोटेकोशी नदी के तेज बहाव ने घरों, सड़कों, पुलों और गाड़ियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है.
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हाइड्रोपावर परियोजनाओं के टनल में सैकड़ों मजदूर फंसे हुए हैं. सुरक्षा बलों की संयुक्त कमान के साथ भारत और चीन से आई विशेषज्ञ टीमें सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रात-दिन ऑपरेशन चला रही हैं.
इस भीषण प्राकृतिक आपदा का असर पड़ोसी तिब्बत पर भी पड़ा है, जहाँ चीनी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 21 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक लोग लापता हैं.