नासा ने चांद पर खोजा रहस्यमयी 'मैकगेटचिन' गड्ढा
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा की सतह पर एक अभूतपूर्व और अत्यंत दुर्लभ घटना को दर्ज किया है. चंद्रमा के नक्शों और तस्वीरों का गहन विश्लेषण करते समय वैज्ञानिकों को चांद की सतह पर एक विशाल, चमकदार धब्बे से घिरा हुआ गहरा काला गड्ढा (क्रेटर) दिखाई दिया. इस खोज के सामने आते ही वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में हलचल मच गई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी नई और विशाल संरचना को प्रत्यक्ष रूप से देखने का मौका पहले कभी नहीं मिला था, जिससे इसे इस सदी की सबसे बड़ी खगोलीय खोजों में से एक माना जा रहा है.
नासा के वैज्ञानिक रॉबर्ट वैगनर ने 'लूनार रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर कैमरा' (LROC) द्वारा भेजी गई तस्वीरों का अध्ययन करते हुए इस विशाल गड्ढे की पहचान की. उस क्षेत्र की पुरानी और हालिया तस्वीरों की तुलना करने पर स्पष्ट हुआ कि यह गड्ढा हाल ही में निर्मित हुआ है.
चंद्रमा वैज्ञानिक टॉम मैकगेटचिन के अनुसार, यह संरचना 11 अप्रैल से 22 मई 2024 के बीच चंद्रमा के पूर्वी हिस्से में बनी है. वैज्ञानिक समुदाय ने इस नई संरचना का नामकरण टॉम मैकगेटचिन के सम्मान में 'मैकगेटचिन क्रेटर' रखा है.
वैज्ञानिकों के अनुसार, लगभग 3 से 6 मंजिला इमारत के आकार का एक बड़ा उल्कापिंड या एस्टेरॉयड अत्यधिक गति से चंद्रमा की सतह से टकराया था. इस भीषण प्रभाव के कारण लगभग 728 फीट चौड़ा एक विशाल गड्ढा बन गया, जिसका आकार इतना बड़ा है कि इसमें दो फुटबॉल मैदान समा सकते हैं.
चंद्रमा पर वायुमंडल न होने के कारण बाहरी अंतरिक्ष से आने वाले उल्कापिंड बिना अपनी गति खोए सीधे सतह से टकराते हैं. इस तरह के जोरदार विस्फोट से चांद के नीचे की मिट्टी ऊपर आ जाती है, जिसे वैज्ञानिक 'लूनार गार्डनिंग' कहते हैं.
चंद्रमा पर इस पैमाने का प्रभाव 100 वर्षों में औसतन केवल एक बार ही देखने को मिलता है. पिछले 17 वर्षों से चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा नासा का लूनार रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर वहां के पर्यावरण, तापमान और सतह में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रख रहा है. इस दौरान सतह पर लगभग एक लाख छोटे-बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं, लेकिन इतने बड़े नवजात क्रेटर का बनना बेहद अनोखा है.
इस अध्ययन से भविष्य में चंद्रमा पर मानव बस्तियां बसाने, लूनर रिसर्च स्टेशन बनाने और लैंडर भेजने में आने वाली संभावित चुनौतियों तथा खतरों को समझने में बड़ी मदद मिलेगी.