MPSC पेपर लीक: आंदोलन समाप्त, तुकाराम मुंढे जांच समिति के सचिव नियुक्त
मुंबई । डेस्क: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर पुणे में चल रहा अभ्यर्थियों का 10 दिवसीय आंदोलन रविवार रात समाप्त हो गया. राज्य सरकार द्वारा एक उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन और MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के छुट्टी पर जाने के आश्वासन के बाद यह कदम उठाया गया.
पुणे के एस.एम. जोशी ब्रिज पर पिछले दस दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्राथमिक मांग अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने और आयोग में सुधार लागू करने की थी.
राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले कर रहे थे, ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को स्वीकार करने की पुष्टि की.
विधायक रोहित पवार के सुझाव पर सहमति बनाते हुए यह तय किया गया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, भीमनवार आयोग के कार्यों से दूर रहेंगे. इसके तुरंत बाद भीमनवार ने एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया कि वे निष्पक्ष जांच के हित में अपने पद से छुट्टी पर जा रहे हैं.
सरकार द्वारा गठित जांच समिति की अध्यक्षता पूर्व जज दिलीप भोसले करेंगे. समिति में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे को सचिव बनाया गया है, जबकि आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटील और सेवानिवृत्त जज पी.डी. नाइक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
जांच समिति के अलावा सरकार ने अभ्यर्थियों की अन्य मांगों को भी स्वीकार किया है, जिनमें आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेना, अगले तीन वर्षों में 70,000 पदों पर भर्ती करना, आगामी ग्रुप सी परीक्षा में सीटें बढ़ाना और आयोग के शीर्ष पदों पर नियुक्ति से पूर्व बैकग्राउंड जांच शामिल है.
इस आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि विवेकानंद पाटिल ने आधिकारिक रूप से आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की.