युद्ध पर ज्यादा खर्च किया जा रहा है, शांति पर कम: UN
नई दिल्ली । डेस्क:संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि विश्व युद्ध छेड़ने पर शांति स्थापित करने की तुलना में कहीं अधिक खर्च कर रहा है. उन्होंने बताया कि 2024 में वैश्विक सैन्य खर्च अभूतपूर्व 2.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो विश्व की सबसे धनी देशों द्वारा दी जाने वाली कुल आधिकारिक विकास सहायता से लगभग 13 गुना और संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट से 750 गुना अधिक है.
गुटेरेस ने इस पृष्ठभूमि में कहा कि सतत विकास का वैश्विक वादा गंभीर खतरे में है. सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में से केवल पांच में से एक लक्ष्य ही सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने देशों से अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने, लोगों और कूटनीति में निवेश करने, और संघर्ष के बजाय शांति की दिशा में खर्च को पुनर्संतुलित करने का आह्वान किया.
गुटेरेस ने हाल के इजरायली हमलों की निंदा की, जिसमें उन्होंने कतर पर हमलों को देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन बताया.
उन्होंने कहा, "एक ऐसा देश जो युद्धविराम हासिल करने और सभी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने में सकारात्मक भूमिका निभा रहा है, उस पर हमला किया जा रहा है." उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी पक्षों को स्थायी युद्धविराम की दिशा में काम करना चाहिए.
यह टिप्पणी गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट, "द सिक्योरिटी वी नीड: रीबैलेंसिंग मिलिट्री स्पेंडिंग फॉर ए सस्टेनेबल एंड पीसफुल फ्यूचर" के लॉन्च के दौरान की. यह रिपोर्ट वैश्विक प्राथमिकताओं की कठोर तस्वीर पेश करती है, जिसमें बताया गया कि 2024 में सैन्य खर्च 2.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो प्रति व्यक्ति 334 अमेरिकी डॉलर के बराबर है.
रिपोर्ट में बढ़ते सैन्य बजट और विकास में पिछड़ने की दोहरी प्रवृत्तियों पर ध्यान दिया गया है. यह दर्शाती है कि सैन्य खर्च में निरंतर वृद्धि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उस भावना के अनुरूप नहीं है, जिसमें सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की प्रतिबद्धता जताई थी.
बढ़ता सैन्य खर्च सतत विकास को कमजोर करता है, सामाजिक निवेश को सीमित करता है, और बहुपक्षीय सहयोग को कमजोर करता है. संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में, यह विकास के लाभों को पूरी तरह नष्ट कर देता है.
गुटेरेस ने देशों से गरीबी उन्मूलन में अधिक निवेश करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, "एक सुरक्षित विश्व की शुरुआत गरीबी से लड़ने में उतना ही निवेश करने से होती है, जितना हम युद्धों में करते हैं." उन्होंने चेतावनी दी कि केवल पांच में से एक सतत विकास लक्ष्य ही सही रास्ते पर है, और वित्तपोषण का अंतर बढ़ रहा है.
रिपोर्ट को एक कार्रवाई के आह्वान के रूप में वर्णित करते हुए, गुटेरेस ने विश्व नेताओं से प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने और वैश्विक निवेश को लोगों की वास्तविक सुरक्षा की दिशा में पुनर्संतुलित करने का आग्रह किया.
उन्होंने तीन प्रमुख संदेश दिए. पहला, वर्तमान सैन्य खर्च की दिशा टिकाऊ नहीं है.
दूसरा, एक बेहतर रास्ता संभव है, जहां सैन्य खर्च का एक हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा, और कमजोर वर्गों की सुरक्षा में लगाया जा सकता है.
तीसरा, उन्होंने कूटनीति को प्राथमिकता देने, रक्षा बजट में पारदर्शिता, और विकास के लिए वित्तपोषण बढ़ाने जैसे व्यावहारिक कदमों का आह्वान किया.