मोहन भागवत का संदेश: बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों के साथ खड़ा हो हिंदू समाज
कोलकाता । डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार को सक्रिय होने का संदेश दिया है. संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित 'व्याख्यानमाला' कार्यक्रम में भागवत ने स्पष्ट रूप से कहा कि पड़ोसी देश की परिस्थितियों का प्रभाव भारत पर पड़ना स्वाभाविक है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारी सरकार कुछ करे. सरकार पहले से ही कुछ काम कर रही है, लेकिन प्रशासनिक मजबूरियों के कारण सब कुछ सार्वजनिक नहीं किया जा सकता."
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए भागवत ने विश्व भर के हिंदू समाज से एकजुट होकर वहां के अल्पसंख्यकों के साथ खड़े होने की अपील की.
उन्होंने कहा कि आरएसएस सामाजिक स्तर पर उनके साथ संपर्क बनाए हुए है और आने वाले दिनों में इस सहयोग को और बढ़ाया जाएगा.
1971 की तरह सीमा खोलने के सवाल पर भागवत ने निर्णय प्रशासन पर छोड़ते हुए सुझाव दिया कि यदि ऐसा किया जाता है, तो देश में प्रवेश करने वालों पर कड़ा नियंत्रण और सटीक योजना होनी चाहिए ताकि सुरक्षा से समझौता न हो.
कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी सहित कई लोगों ने बांग्लादेश के मुद्दे पर सवाल पूछे थे, जिसके जवाब में भागवत ने भारत की सामजिक और प्रशासनिक भूमिका को रेखांकित किया.