महाराष्ट्र: नकली डॉक्टरों पर नकेल QR कोड अनिवार्य
मुंबई । डेस्क: महाराष्ट्र में नकली डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिये महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) ने अपने QR कोड आधारित 'नो योर डॉक्टर' (KYD) सिस्टम को पंजीकृत चिकित्सकों के लिये अनिवार्य कर दिया है. यह निर्णय शनिवार को अधिकारियों द्वारा घोषित किया गया है.
हाल ही में राज्य विधानसभा में नकली डॉक्टरों, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सक्रिय क्वैक्स के बारे में चर्चा के बाद यह कदम उठाया गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 391 नकली डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, लेकिन केवल दो को सजा हुई और 17 अन्य के खिलाफ आरोप सिद्ध हुये.
MMC ने 11 फरवरी, 2025 को KYD प्लेटफॉर्म शुरू किया था, जिससे लोग पंजीकृत चिकित्सकों की प्रामाणिकता और योग्यता की जांच कर सकते हैं.
इस QR कोड के माध्यम से मरीज डॉक्टर की प्रामाणिकता, लाइसेंस, विशेषज्ञता और योग्यता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. हालांकि, राज्य में 2.03 लाख पंजीकृत चिकित्सकों में से केवल 10,000 ने ही अब तक इस स्वैच्छिक सिस्टम में पंजीकरण कराया है.
MMC की प्रशासक डॉ. विंकी रुघवानी ने कहा, "KYD प्लेटफॉर्म में शामिल होना पहले स्वैच्छिक था, लेकिन अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है. जल्द ही इसके लिये आदेश जारी होगा."
अधिकारियों के अनुसार, MMC द्वारा जारी KYD कार्ड को डॉक्टरों को अपने क्लिनिक या अस्पताल में प्रदर्शित करना होगा. नागरिक इस QR कोड को स्कैन कर यह जांच सकते हैं कि डॉक्टर MMC के साथ पंजीकृत है और चिकित्सा करने के लिये योग्य है.
डॉ. सुनील इंगले, भारतीय चिकित्सा संघ, पुणे शाखा के अध्यक्ष, ने कहा, "KYD QR कोड को अनिवार्य करना एक महत्वपूर्ण कदम है. यह न केवल मरीजों को नकली डॉक्टरों से बचाता है, बल्कि वास्तविक चिकित्सकों के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है."