ईरान पर सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ेंगे: UNSC में चीन की चेतावनी
नई दिल्ली । डेस्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ईरान पर बुलाई गई आपात बैठक में चीन ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि बल प्रयोग किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, बल्कि इससे हालात और अधिक जटिल तथा खतरनाक हो जाएंगे. संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी मिशन के कार्यवाहक राजदूत (चार्जे द’अफेयर्स) सुन लेई ने कहा कि किसी भी तरह का सैन्य दुस्साहस मध्य पूर्व को एक “अप्रत्याशित खाई” में धकेल सकता है.
सुन लेई ने अमेरिका से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करने, बल प्रयोग के जुनून को त्यागने और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की.
उन्होंने कहा कि ईरान एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है तथा उसके आंतरिक मामलों का फैसला ईरानी जनता को स्वयं करने का अधिकार है. चीन ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के संरक्षण का समर्थन करता है.
चीनी राजनयिक ने आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार ईरान की आंतरिक स्थिति पर बयानबाजी कर रहा है और खुले तौर पर बल प्रयोग की धमकी दे रहा है, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और तनाव लगातार बढ़ रहा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि संप्रभु समानता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं और “जंगल के कानून” की ओर दुनिया की वापसी अस्वीकार्य है.
सुन लेई ने कहा कि मध्य पूर्व वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य का सबसे नाजुक क्षेत्र बना हुआ है, जहां अशांति और युद्ध का खतरा लगातार बना रहता है. क्षेत्र के लोग शांति और विकास चाहते हैं तथा अधिकांश देश सैन्य टकराव के बजाय संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में हैं.
इस बीच, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात करने का फैसला किया है.
व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अमेरिका ने कोई विकल्प खारिज नहीं किया है और “गंभीर परिणामों” की चेतावनी दी है.
चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इतिहास के सही पक्ष पर खड़ा हो, निष्पक्षता और न्याय का साथ दे तथा मध्य पूर्व और विश्व शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करे.