ममता का वार: चुनाव के लिए सेना के वाहन, पर पहलगाम में सुरक्षा फेल
ममता का वार: चुनाव के लिए सेना के वाहन, पर पहलगाम में सुरक्षा क्यों फेल थी?
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता के रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला. बनर्जी ने राज्य में भारी सैन्य बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए इसे 'वोटों की पहरेदारी' की कोशिश करार दिया.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर बंगाल चुनाव के लिए दो लाख से अधिक केंद्रीय बल और सेना द्वारा कश्मीर में इस्तेमाल किए जाने वाले बख्तरबंद वाहन (Armoured Vehicles) लाए गए हैं.
उन्होंने कड़े लहजे में पूछा, "जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी पहलगाम में घुसे थे और 26 निर्दोष नागरिकों की जान ली थी, तब ये सुरक्षा बल और बख्तरबंद गाड़ियां कहाँ थीं? केंद्र सरकार उस समय आतंकियों को रोकने में नाकाम क्यों रही?"
पीएम मोदी द्वारा बंगाल में महिलाओं की असुरक्षा को लेकर की गई टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने इसे 'सफेद झूठ' करार दिया. उन्होंने कहा कि कोलकाता दुनिया के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है और भाजपा केवल चुनाव जीतने के लिए राज्य की छवि खराब कर रही है. मुख्यमंत्री ने महिला मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान के दिन से लेकर मतगणना तक सतर्क रहें. उन्होंने कहा, "भले ही दो दिन घर में खाना न पके, लेकिन लोकतंत्र को बचाने के लिए मतदान केंद्रों और ईवीएम की सुरक्षा में कोई कमी नहीं आनी चाहिए."
भ्रष्टाचार और धनबल का आरोप
रैली के दौरान ममता ने भाजपा पर 'मनी पावर' के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया.
उन्होंने दावा किया कि ओडिशा और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों से भारी मात्रा में नकदी बंगाल लाई जा रही है. उन्होंने कहा, "मेरे पास जानकारी है कि पुलिस की चेकिंग के बावजूद ओडिशा से 300 करोड़ रुपये भवानीपुर पहुंचे हैं."
उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि भाजपा के एजेंट वोट खरीदने के लिए 5,000 रुपये तक की पेशकश कर सकते हैं, लेकिन वे उनके झांसे में न आएं.
ममता बनर्जी ने मतदाताओं को वोटर स्लिप की फोटोकॉपी सुरक्षित रखने की सलाह देते हुए आगाह किया कि भाजपा एनआरसी (NRC) जैसा कदम उठा सकती है.
उन्होंने कांग्रेस और वामदलों पर भी निशाना साधा और कहा कि जब लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे थे, तब केवल टीएमसी ही उनके हक के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी. अंत में उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी पहले ही 100 सीटों का आंकड़ा पार कर चुकी है और दूसरे चरण के अंत तक टीएमसी 'दोहरा शतक' (200 से अधिक सीटें) लगाएगी.