ममता बनर्जी को मिला विपक्षी दलों का समर्थन
नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा देने से इनकार करने के फैसले को विपक्षी दलों का पुरजोर समर्थन मिला है. शिवसेना (UBT), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) और समाजवादी पार्टी सहित 'इंडिया' गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक गहरी साजिश करार दिया है.
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने ममता बनर्जी के इस कदम को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की "तानाशाही" के खिलाफ एक बड़ा विरोध बताया है. राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र के हाथों की "कठपुतली" बन गया है और बंगाल का चुनावी नतीजा जनता का जनादेश नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है. उन्होंने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे सहित गठबंधन के अन्य नेताओं ने ममता बनर्जी से बात कर अपना समर्थन व्यक्त किया है.
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो सकता है, तो मतगणना का लाइव प्रसारण और सीसीटीवी फुटेज जनता के लिए उपलब्ध क्यों नहीं कराए गए.
वहीं, एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता महेश तापसे ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर मतदाताओं को डराया गया, जिससे निष्पक्ष मतदान प्रभावित हुआ.
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी चुनाव आयोग पर "धांधली" का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी के इस रुख को भाजपा-चुनाव आयोग के गठबंधन के खिलाफ एक ऐतिहासिक ऐतिहासिक विरोध बताया है.
हालांकि, भाजपा ने ममता बनर्जी के इस रुख को "अराजक" और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है. ज्ञात हो कि 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों के साथ भारी जीत दर्ज की है, जबकि ममता बनर्जी की पार्टी 80 सीटों पर सिमट गई है, जिसे मुख्यमंत्री ने "लूट का जनादेश" करार दिया है.